September 16, 2026

मोहन भागवत के अमेरिका दौरे पर USCIRF ने की वीजा रद्द करने की मांग

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न्यूयॉर्क:  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे को लेकर जमकर बवाल मचा हुआ है। शनिवार, 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मशहूर मैडिसन स्क्वायर गार्डन (MSG) में उनका एक बड़ा कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम से ठीक पहले, अमेरिका की धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े सलाहकार आयोग ‘यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम’ (USCIRF) ने एक भड़काऊ बयान जारी कर विवाद खड़ा कर दिया है।

पाकिस्तानी-अमेरिकी आसिफ महमूद की अध्यक्षता वाली इस संस्था ने आरोप लगाया है कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति लगातार खराब हो रही है। इसी बहाने USCIRF ने अमेरिकी सरकार से आरएसएस और भारत पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर डाली है।

USCIRF की मांग- भागवत का वीजा रद्द हो और भारत पर लगे प्रतिबंध

USCIRF ने बुधवार को अपना बयान जारी करते हुए भारत पर कई गंभीर और बेबुनियाद आरोप लगाए। संस्था ने कहा, “भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति लगातार खराब हो रही है। धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाने के लिए अक्सर हिंसा और भड़काऊ बयानबाजी का इस्तेमाल किया जाता है।”

अपने बयान में USCIRF ने अमेरिकी सरकार से अपील की है कि वह आरएसएस के सदस्यों और धार्मिक स्वतंत्रता के कथित उल्लंघन में शामिल भारतीय अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करे। संस्था ने सीधे तौर पर मोहन भागवत का वीजा रद्द करने और भविष्य में उनके अमेरिका आने पर रोक लगाने की भी मांग की। संस्था की उपाध्यक्ष सीसी हेल ने कहा कि अमेरिकी सरकार के पास भारत को जवाबदेह ठहराने का मौका है और उसे यह संदेश देना चाहिए कि अमेरिका भारत के लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता के साथ खड़ा है।

विदेश मंत्रालय का करारा जवाब- ‘कोई विश्वसनीयता नहीं’

USCIRF के इन आरोपों और मांगों पर भारत सरकार ने पहले ही अपना रुख साफ कर दिया है। 21 अगस्त को भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने अमेरिका में आरएसएस प्रमुख की बैठकों पर रोक लगाने की USCIRF की मांग की कड़ी आलोचना की थी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संस्था को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि यह आयोग भारत को लेकर बार-बार गलत और भड़काऊ बयान देता रहा है। जायसवाल ने स्पष्ट किया, “हम सभी जानते हैं कि यह एक पक्षपाती संस्था है। कई वर्षों से यह भारत के बारे में गलत बयानबाजी कर रही है। हमें ऐसी संस्थाओं को पूरी तरह नजरअंदाज करना चाहिए, क्योंकि इनका अपना एक छिपा हुआ एजेंडा है और इनकी कोई विश्वसनीयता नहीं है।”

‘यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशन’- क्या है RSS का कार्यक्रम?

USCIRF के विरोध के बीच आरएसएस अपने कार्यक्रम को लेकर पूरी तरह तैयार है। आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बुधवार को स्पष्ट किया कि न्यूयॉर्क में होने वाला ‘यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशन’ एक ऐसा कार्यक्रम होगा, जिसमें अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों के लोग शामिल होंगे।

आंबेकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर जानकारी देते हुए लिखा कि इस कार्यक्रम में डॉ. मोहन भागवत अलग-अलग संस्कृतियों और धर्मों से जुड़े लोगों से खुली बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम एक-दूसरे के सम्मान की भावना से आयोजित किया गया है और यह भारतीय संस्कृति की उस मूल सोच को दर्शाता है, जो सभी को साथ लेकर चलने और सभी का स्वागत करने वाली है। यह पहल दुनिया भर में लोगों के बीच समझ बढ़ाने और साझा उद्देश्यों पर साथ काम करने के लिए आरएसएस के लंबे समय से चले आ रहे संपर्क अभियान का हिस्सा है।