मक्का पर ड्रोन हमले की शहबाज शरीफ ने की निंदा, हूतियों ने दावों को नकारा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का पर हुए कथित ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की है। बुधवार (16 सितंबर) को उन्होंने इस घटना को कायराना करार दिया। सऊदी अरब ने दावा किया था कि यमन के हूती विद्रोहियों ने मक्का को निशाना बनाकर यह ड्रोन अटैक किया है। दूसरी तरफ, हूतियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने मक्का पर किसी तरह का कोई हमला नहीं किया है और सऊदी अरब का दावा झूठा है।
‘कायराना और घिनौनी हरकत’
शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर हमले को लेकर पाकिस्तान का कड़ा रुख जाहिर किया। उन्होंने लिखा, “मैं मक्का अल-मुकर्रमा के पवित्र स्थल पर ड्रोन से किए गए कायराना और घिनौने हमले की कोशिश की कड़ी से कड़ी निंदा करता हूं। पाकिस्तान के लोग इस शर्मनाक हरकत से दुखी हैं। यह अक्षम्य और निंदनीय अपराध है।”
शरीफ ने कहा कि इस घटना से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
सऊदी सेना की मुस्तैदी की तारीफ
कथित हमले को नाकाम करने के लिए पाकिस्तानी पीएम ने सऊदी बलों की तारीफ की। उनके मुताबिक, “हम रॉयल सऊदी आर्म्ड फोर्सेज की सतर्कता, साहस और प्रोफेशनल रवैये को सलाम करते हैं, जिन्होंने तुरंत बहादुरी से कार्रवाई की।”
उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जाहिर की। शरीफ ने सभी पक्षों से ज्यादा से ज्यादा संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि क्षेत्र पहले ही संघर्षों की वजह से बहुत कुछ झेल चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कूटनीति और बातचीत ही शांति की ओर ले जाने वाला एकमात्र रास्ता है।
‘सऊदी अरब के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है पाकिस्तान’
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका देश सऊदी अरब की संप्रभुता और क्षेत्रीय रक्षा के लिए उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि हरमैन शरीफैन की सुरक्षा और पवित्रता के लिए पाकिस्तान पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ खड़ा है। यह एक ऐसा कर्तव्य है जिसे हर पाकिस्तानी अपने दिल के करीब मानता है।
पहली बार मक्का के इतने करीब पहुंचा ड्रोन
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच चल रहा युद्ध अब एक बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। यह पहली बार है जब कोई ड्रोन मक्का के इतने करीब तक पहुंचने में कामयाब रहा। सऊदी प्रशासन ने दावा किया है कि इस ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया गया। इससे पहले साल 2017 में भी हूती विद्रोहियों की तरफ से हमले की कोशिशें की गई थीं। ताजा मामले में हूतियों ने सऊदी अरब के दावों को पूरी तरह से नकार दिया है।
