September 16, 2026

इकरा हसन का BJP पर हमला: ‘सहारनपुर को संभल बनाना चाहते थे, मस्जिद वहीं बनेगी’

Iqra Hasan

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सहारनपुर में मस्जिद ढहाए जाने का मामला सियासी रूप लेता जा रहा है। समाजवादी पार्टी (SP) की सांसद इकरा हसन ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। सहारनपुर में आयोजित पीडीए (PDA) कार्यक्रम में इकरा ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष यहां दंगा भड़काकर इसे दूसरा संभल बनाना चाहता था। उन्होंने मंच से ऐलान किया कि कानूनी लड़ाई जीतकर मस्जिद का निर्माण उसी जगह पर दोबारा कराया जाएगा।

‘काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती’

सपा सांसद ने सत्ताधारी दल पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि इन लोगों के पास हिंदू-मुसलमान करने के अलावा कोई और राजनीतिक मुद्दा नहीं बचा है। इकरा ने कहा, “एक कहावत है कि काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती और वो हांडी अब चढ़ नहीं रही है। इसीलिए मस्जिदों को तोड़कर मामले को तूल देने और माहौल बिगाड़ने का काम किया जा रहा है।”

‘सहारनपुर में दंगा भड़काने की थी साजिश’

मस्जिद विध्वंस की मंशा पर सवाल उठाते हुए कैराना सांसद ने कहा कि इसका असल मकसद सहारनपुर में दंगा भड़काना था। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई से हिंदू समाज भी खुश नहीं है। बकौल इकरा, “जब हमारी यहां बात हुई तो सभी जातियों के हिंदू भाइयों ने भी माना कि आस्था के किसी भी केंद्र को इस तरह तोड़ना पाप है। जिन्होंने यह किया, वह उनके आगे आएगा।”

उन्होंने बताया कि यह मस्जिद 100 साल पुरानी थी और इसके ठीक पास मंदिर भी मौजूद है, जो इलाके में आपसी भाईचारे की मिसाल था। सपा नेता ने उकसावे के बावजूद धैर्य बनाए रखने के लिए सहारनपुर की जनता का विशेष तौर पर शुक्रिया अदा किया।

अदालती लड़ाई और यूपी चुनाव की हुंकार

कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों को आश्वस्त करते हुए इकरा हसन ने कहा कि यह कानूनी जंग अदालत में जीती जाएगी। उन्होंने दावा किया कि उनके कागज पूरी तरह से मजबूत हैं और इंशाअल्लाह मस्जिद उसी जगह पर बनेगी। इकरा ने आगामी विधानसभा चुनाव की ओर इशारा करते हुए जनता से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बस तीन-चार महीने की बात है, अगर सबका साथ रहा तो सूबे में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी।

क्या है सहारनपुर का मस्जिद विवाद?

बीते दिनों सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित एक पुरानी मस्जिद को जिला अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ढहा दिया था। इस पूरी कार्रवाई पर मुस्लिम पक्ष का दावा है कि यह जमीन वक्फ बोर्ड की थी और मस्जिद 100 से ज्यादा सालों से वहां कायम थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें कानूनी विकल्प आजमाने या अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना ही आनन-फानन में इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया।