September 16, 2026

संजय निषाद का अखिलेश यादव की पार्टी पर तीखा वार: ‘जिनके घर शीशे के होते हैं, वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते’

sanjay nishad

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीटों के बंटवारे और खींचतान को लेकर समाजवादी पार्टी (SP) के आरोपों पर निषाद पार्टी के अध्यक्ष और राज्य के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने पलटवार किया है। उन्होंने सपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि समाजवादी पार्टी खुद टूटने के कगार पर है और उन्हें एनडीए की चिंता करने के बजाय पहले कांग्रेस के साथ अपनी सीटों का बंटवारा कर लेना चाहिए।

‘सपा के अनपढ़ और लठैत अफवाह न फैलाएं’

संजय निषाद ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ (X) पर एक लंबी पोस्ट के जरिए सपा पर भड़ास निकाली। उन्होंने लिखा, “जिनके घर शीशे के बने होते हैं, वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकते। बेहतर होगा कि सपा के अनपढ़ और लठैत निषाद पार्टी के भविष्य पर अनर्गल टीका-टिप्पणी करने और अफवाह फैलाने की बजाय अपने गिरेबान में झांकें।”

उन्होंने आगे लिखा कि निषाद पार्टी को सपा की किसी बैसाखी की जरूरत नहीं है, बल्कि सच्चाई तो यह है कि सपा खुद अब तक कांग्रेस की बैसाखी का जुगाड़ नहीं कर पाई है।

‘कसरवल कांड में सपा ने चलवाईं गोलियां’

संजय निषाद ने अपनी पोस्ट में पुराने कसरवल कांड की याद दिलाते हुए सपा सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा, “एनडीए में निषाद पार्टी का गठबंधन, बराबरी और हिस्सेदारी का गठबंधन है। कसरवल कांड में हमारे निर्दोष भाइयों पर गोलियां चलवाने वाले सपा नेता यह न भूलें कि निषाद समाज अपने शहीदों का बलिदान और उनका जुल्म कभी भूला नहीं है। जिन्होंने हक मांगने पर गोलियां चलवाईं, वे आज समाज के हितैषी बनने का ढोंग न करें।”

उन्होंने यह भी कहा कि मछुआरों के खून में राजनीति और स्वाभिमान है। इस वीर समाज ने मुगलों और अंग्रेजों से लोहा लिया है और यह कभी किसी के लिए केवल दरी बिछाने की राजनीति नहीं करेगा।

‘सवाल यह है कि शिवपाल और रामगोपाल यादव कहां जाएंगे?’

निषाद पार्टी प्रमुख ने कहा कि उनके राजनीतिक भविष्य की चिंता करने के बजाय सपा पहले अपना वजूद बचाए। उन्होंने सपा के भीतर मचे कथित घमासान की ओर इशारा करते हुए लिखा, “सवाल यह नहीं है कि संजय निषाद कहां जाएंगे; सवाल यह है कि खुद शिवपाल यादव जी और रामगोपाल यादव जी कहां जाएंगे? सपा लगातार सिकुड़ रही है और निषाद पार्टी का जनाधार निरंतर बढ़ रहा है।”

अटकलों पर लगा विराम

गौरतलब है कि संजय निषाद ने सोमवार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और सपा के वरिष्ठ नेता माता प्रसाद पांडेय से उनके निजी आवास पर मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद से ही राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई थी कि निषाद एनडीए में सीट बंटवारे से नाराज हैं और सपा के साथ जा सकते हैं। हालांकि, संजय निषाद के इस कड़े बयान के बाद अब इन सभी अटकलों और अफवाहों पर विराम लग गया है।