ईरान से युद्ध जीतते ही 2 डॉलर प्रति गैलन से नीचे आएंगे तेल के दाम, ट्रंप का बड़ा दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव के बीच मंगलवार (8 सितंबर) को दावा किया है कि इस युद्ध में जीत के बाद तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी। ट्रंप के मुताबिक, कीमतें घटकर 3 डॉलर प्रति गैलन होंगी और उसके बाद यह 2 डॉलर प्रति गैलन से भी नीचे आ जाएंगी। इसके साथ ही उन्होंने दोहराया कि यह सब बहुत तेजी से होगा और ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।
2 डॉलर तक भाव आने पर आधी हो जाएंगी कीमतें मंगलवार के बाजार आंकड़ों के अनुसार, होलसेल Reformulated Blendstock for Oxygenate Blending (RBOB) गैसोलीन 3.22 डॉलर प्रति गैलन और होलसेल हीटिंग ऑयल 4.67 डॉलर प्रति गैलन के स्तर पर कारोबार कर रहा है। ट्रंप के दावों के हिसाब से यदि कीमतें 2 डॉलर प्रति गैलन तक आती हैं, तो यह मौजूदा स्तर से करीब 50 फीसदी तक की भारी गिरावट होगी।
होर्मुज स्ट्रेट का नाम ‘ट्रंप स्ट्रेट’ रखने का सुझाव डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह दावा कर रहे हैं कि होर्मुज स्ट्रेट पर अब अमेरिका का पूरी तरह नियंत्रण है। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को लेकर उन्होंने हाल ही में यह सुझाव भी दिया था कि होर्मुज का नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ कर दिया जाना चाहिए।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड की कार्रवाई: 94 जहाजों का रूट बदला, 2 पर कब्जा ट्रंप के इस बयान के समानांतर अमेरिकी सेना ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी सख्त कार्रवाई का ब्योरा जारी किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार को बताया कि ईरान पर लगे प्रतिबंधों को प्रभावी बनाने के लिए 7 सितंबर तक अमेरिकी सेनाओं ने 94 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला है। इस अभियान के दौरान सेना ने 3 जहाजों को क्षतिग्रस्त किया और 2 को अपने कब्जे में लिया।
अरब सागर में तैनात USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि अरब सागर में इन प्रतिबंधों और नाकेबंदी को लागू करने के लिए विमानवाहक पोत USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश की मदद ली जा रही है। सेंट्रल कमांड के अनुसार, सेना की इस पूरी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करना है।
