September 16, 2026

ईरान ने जॉर्डन और UAE में अमेरिकी ठिकानों पर दागे ड्रोन, MQ-9 गिराया

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तेहरान : मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। रविवार को अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी सैन्य कार्रवाई की है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि अमेरिका ने आगे कोई कार्रवाई की तो उसे और कड़ा जवाब दिया जाएगा। मंत्रालय ने साफ किया कि तनाव बढ़ने की पूरी जिम्मेदारी अमेरिका और उसका साथ देने वाले देशों की होगी।

जॉर्डन और UAE में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन अटैक

ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, लराक द्वीप पर अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस को निशाना बनाया, क्योंकि अमेरिकी हमला वहीं से संचालित किया गया था।

अलजजीरा और ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक:

  • अल मिनहाद एयरबेस पर हमला: ईरान की सेना ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अल मिनहाद एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी सैन्य बलों को निशाना बनाकर सुबह-सुबह दर्जनों ड्रोन दागे। यह हमला उन स्थानों को केंद्रित करके किया गया जहां अमेरिकी सैनिक और हेलिकॉप्टर तैनात थे।

  • बदले की कार्रवाई: ईरान ने दावा किया कि यह हमला लराक द्वीप पर मारे गए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सदस्यों और नागरिकों की मौत का बदला लेने के लिए किया गया है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मार गिराया MQ-9 रीपर ड्रोन

ईरानी समाचार एजेंसियों फार्स और मेहर के हवाले से IRGC ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऊपर उड़ान भर रहे एक अमेरिकी लंबी दूरी के MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया, जिसके बाद वह खाड़ी में गिर गया।

अमेरिका का पक्ष: माइन बिछाने की तैयारी रोक रहा था पेंटागन

अमेरिका ने लराक द्वीप पर की गई कार्रवाई को लेकर कहा कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की योजना बना रही थी। अमेरिका के मुताबिक, जहाजों की आवाजाही और नागरिकों की सुरक्षा के लिए दो रॉकेट लॉन्चरों पर सटीक और सीमित हमला किया गया। दूसरी तरफ, ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम ने दावा किया कि इस अमेरिकी हमले में दो लोगों की मौत हुई और दो घायल हुए।

खाड़ी देशों पर हमलों से ईरान ने खोया समर्थन: ट्रंप

ईरान की जवाबी कार्रवाई पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने उन देशों को भी निशाना बनाया जो इस टकराव में लगभग तटस्थ भूमिका में थे। ट्रंप के अनुसार, सऊदी अरब, कतर, यूएई, बहरीन और कुवैत जैसे देशों पर ईरान की कार्रवाई अप्रत्याशित थी। उन्होंने कहा कि इन देशों को निशाना बनाकर ईरान ने वह समर्थन भी गंवा दिया है, जो उसे पहले कुछ हद तक मिल रहा था।