केशव मौर्य के CM वाले बयान पर विपक्ष का तंज: SP और कांग्रेस ने ली चुटकी
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मुख्यमंत्री बनने से जुड़े एक बयान पर सूबे की सियासत गरमा गई है। एक टीवी कार्यक्रम के दौरान उनके द्वारा दिए गए जवाब पर अब मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस ने तीखा प्रहार किया है।
‘मुख्यमंत्री तो दूर, अच्छा विभाग तक छीन लिया’
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज काका ने केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी डिप्टी सीएम के साथ पूरी संवेदना है। काका ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद तो दूर की बात है, बेचारे मौर्य से उनका अच्छा विभाग तक छीन लिया गया।
सपा प्रवक्ता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह कभी भी पिछड़ों और दलितों का उत्थान नहीं चाहती, बल्कि उन्हें सिर्फ दरबारी बनाकर रखना चाहती है। उनके मुताबिक, मौर्य को मुख्यमंत्री बनने का सबसे सुनहरा अवसर समाजवादी पार्टी ने दिया था, लेकिन अब वह मौका भी उनके हाथ से निकल चुका है। काका ने सवाल उठाया कि क्या मौर्य के अंदर इतनी हिम्मत है कि वह भाजपा से खुद को सीएम का चेहरा घोषित करने की मांग कर सकें?
‘हिम्मत है तो 100 विधायक तोड़कर लाएं’
कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे पर उप मुख्यमंत्री पर कड़ा प्रहार किया है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि केशव मौर्य के मुंह से मुख्यमंत्री बनने की बात शोभा नहीं देती। राजपूत ने आरोप लगाया कि भाजपा ने एक पिछड़े नेता को कुर्सी तक नहीं दी, बल्कि उन्हें ‘स्टूल पर बैठाया हुआ है’ और हर पद के आगे ‘उप’ (डिप्टी) लगा दिया है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने सीधे चुनौती देते हुए कहा कि अगर मौर्य की सीएम बनने की इच्छा है, तो वह पार्टी तोड़कर 100 विधायक लाएं और सीएम बन जाएं। राजपूत ने दावा किया कि मौर्य में मुख्यमंत्री बनने की हिम्मत, हैसियत और हौसला नहीं है।
‘चर्चा विथ चित्रा’ में दिया था जवाब
यह पूरा राजनीतिक विवाद एबीपी न्यूज़ के विशेष कार्यक्रम ‘चर्चा विथ चित्रा’ में शुरू हुआ। इस कार्यक्रम के दौरान केशव प्रसाद मौर्य से उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने को लेकर सवाल पूछा गया था। इसी सवाल पर दिए गए उनके जवाब को आधार बनाकर अब विपक्षी दल उन पर और भाजपा नेतृत्व पर निशाना साध रहे हैं।
