September 16, 2026

मोदी का पाकिस्तान पर वार, बेलारूस ने भारत को बताया ‘सुपरपावर’

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बिश्केक : किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भारत का कूटनीतिक दबदबा साफ नजर आया। मंच से बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको ने भारत की जमकर तारीफ करते हुए उसे दुनिया के सबसे ताकतवर देशों की सूची में रखा। लुकाशेंको ने वैश्विक मंच पर अमेरिका को नजरअंदाज करते हुए स्पष्ट किया कि आज के समय में चीन, रूस और भारत ही दुनिया के तीन सबसे ताकतवर और आर्थिक रूप से मजबूत परमाणु संपन्न देश हैं।

बिश्केक घोषणा-पत्र: ईरान पर अमेरिकी हमलों की निंदा

शिखर सम्मेलन के बाद जारी संयुक्त बयान, जिसे ‘बिश्केक घोषणा-पत्र’ नाम दिया गया है, में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। SCO के 10 सदस्य देशों (रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान, ईरान, बेलारूस, उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान, ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान) ने ईरान पर हुए हालिया अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की।

इस घोषणा-पत्र में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी तरह के दोहरे मापदंड को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया गया। सभी सदस्य देशों ने आतंकवादी और अलगाववादी मंसूबों के लिए इंटरनेट के इस्तेमाल को रोकने, अंतरराष्ट्रीय सूचना सुरक्षा को मजबूत करने और नए प्रकार के साइबर अपराधों से मिलकर निपटने पर सहमति जताई।

आतंकवाद पर पीएम मोदी का प्रहार, पाकिस्तान को दिखाया आईना

सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद और चरमपंथ जैसे अंतरराष्ट्रीय खतरों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में पीएम मोदी ने बिना नाम लिए पाकिस्तान पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने मंच से स्पष्ट संदेश दिया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उन देशों का मिलकर मुकाबला करना चाहिए, जो आतंकवाद को अपनी ‘सरकारी नीति’ (State Policy) के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

सुरक्षा चुनौतियों के लिए ‘सार्वभौमिक केंद्र’ को मंजूरी

भारत ने शिखर सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग को मजबूत करने के ठोस उपायों पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस समिट में कुल 13 महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इनमें से एक सबसे अहम फैसला SCO सदस्य देशों की सुरक्षा चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय खतरों से निपटने के लिए एक ‘सार्वभौमिक केंद्र’ (Universal Center) के नियमों को मंजूरी देना है।