September 15, 2026

यूपी चुनाव में AI की एंट्री: सपा के ‘चिलम’ वाले वीडियो पर सियासी बवाल

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में अभी वक्त है, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मैदान तक पहुंच गई है। समाजवादी पार्टी (SP) ने एक AI एनिमेटेड वीडियो जारी कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है।

सपा का AI हथियार: ‘राम मंदिर चंदा चोरी’ पर निशाना

समाजवादी पार्टी द्वारा जारी इस AI वीडियो से स्पष्ट है कि अखिलेश यादव आगामी चुनावों में ‘राम मंदिर चढ़ावा चोरी’ के मुद्दे को आक्रामक तरीके से उठाने वाले हैं। इससे पहले बीजेपी ने भी सपा पर AI वीडियो के जरिए प्रहार किया था, जिसके जवाब में अब सपा ने इसी तकनीक को अपना हथियार बनाया है। वीडियो में कथित तौर पर साधु-संतों की वेशभूषा में किरदारों को चिलम पीते हुए दिखाया गया है, जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है।

NDA का पलटवार: ‘फ़िल्मी सितारों की जगह AI से कर रहे संतोष’

सपा के इस वीडियो पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और एनडीए के सहयोगी ओम प्रकाश राजभर ने कड़ा तंज कसा है:

  • राजभर ने कहा कि जो लोग अपने आयोजनों में मुंबई से फ़िल्मी सितारों को बुलाकर नचाते थे, वे 10 साल से वह नाच नहीं देख पा रहे हैं।

  • उन्होंने कहा कि सपा नेता अब बेचारे सोच रहे हैं कि क्या करें, इसलिए कभी बौनों को नचाकर तो कभी AI द्वारा बनाए गए वीडियो देखकर अपना मन बहला रहे हैं।

‘यह संतों का अपमान है’: बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल

भारतीय जनता पार्टी ने इस वीडियो को सीधे तौर पर हिंदू आस्था और संतों का अपमान करार दिया है। बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

  • “क्या सपा के मन में साधु-संतों की छवि केवल चिलम पीते हुए है?”

  • उन्होंने कहा कि यह केवल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नहीं, बल्कि संपूर्ण संत समाज का अपमान है।

  • पाल ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में इस कृत्य का करारा जवाब देगी।

‘महाश्राप’ पोस्टर से भी मचा था संग्राम

AI वीडियो से ठीक पहले समाजवादी पार्टी का एक पोस्टर भी भारी विवादों में रहा था। राम मंदिर मामले में बीजेपी पर निशाना साधने के लिए इस पोस्टर में भगवान राम की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था। पोस्टर पर लिखे टेक्स्ट में चेतावनी दी गई थी: “लुटेरों और उनका साथ देने वालों (तन, मन, धन, वाणी, कर्म से) को महाश्राप देता हूं, जिनका महाविनाश निश्चित है।” इस भाषा और तस्वीर के इस्तेमाल पर भी भारी सियासी बवाल हुआ था।