September 16, 2026

उत्तराखंड की सियासत में भूचाल: पूर्व सीएम हरीश रावत ने छोड़े कांग्रेस के सभी पद

harish rawat

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह चौंकाने वाला फैसला अपने पूर्व ओएसडी (OSD) और पीए चंदन सिंह जीना पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद लिया है। रावत ने सोशल मीडिया के जरिए अपने इस्तीफे की जानकारी साझा करते हुए इसे अपने खिलाफ ‘नरेटिव’ गढ़ने की कोशिश करार दिया है।

सहयोगी पर लगे आरोपों पर दी कड़ी प्रतिक्रिया

हरीश रावत ने स्पष्ट किया कि चंदन सिंह जीना एक सज्जन, विनम्र और कर्मठ व्यक्ति हैं। उन पर ग्राम सेवकों की भर्ती में ओएमआर (OMR) शीट के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगे हैं। रावत ने लिखा, “मुझे इन आरोपों पर बिल्कुल विश्वास नहीं है। लेकिन यदि वास्तव में उन्होंने ऐसा कोई दुस्साहसिक कृत्य किया है और उसके प्रमाण हैं, तो मैं इसके लिए लज्जित हूँ।”

‘चुनाव की आहट के साथ दस्तक देती हैं एजेंसियां’

अपने खिलाफ रची जा रही राजनीतिक साजिश की ओर इशारा करते हुए हरीश रावत ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि जब भी लोग उनसे उत्तराखंड चुनाव की तारीखों के बारे में पूछते हैं, तो वे मजाक में कहते हैं कि चुनाव तभी होंगे जब सीबीआई उनके दरवाजे पर दस्तक देने आएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार उनके घर के बजाय उनके सहयोगी के घर पर दस्तक देकर उनके खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास किया गया है।

पार्टी की लड़ाई कमजोर न हो, इसलिए उठाया यह कदम

पूर्व सीएम ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूती से लड़ रहे हैं। वे नहीं चाहते कि उनके या उनके किसी करीबी से जुड़े विवाद के कारण पार्टी के इस संघर्ष में कोई भी कमजोरी आए। इसी नैतिक जिम्मेदारी को लेते हुए उन्होंने तुरंत प्रभाव से निम्नलिखित पदों से इस्तीफा दे दिया है:

  • उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्य पद से।

  • राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के स्थाई आमंत्रित सदस्य पद से।

हरीश रावत के इस अचानक लिए गए फैसले से उत्तराखंड कांग्रेस और राज्य की राजनीति में खासी हलचल मच गई है। आने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इसे एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।