September 16, 2026

LAC पर घटे चीनी सैनिक, लद्दाख में 10 ब्रिगेड के साथ भारतीय सेना की रणनीतिक पकड़ मजबूत

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भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स समिट 2026 के समापन के तुरंत बाद केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 जारी कर दी है। इस रिपोर्ट में लद्दाख स्थित वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर रणनीतिक और सैन्य बदलावों का अहम खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में LAC पर चीनी सेना की तैनाती में कमी दर्ज की गई है। वहीं, सीमा पर भारतीय सेना की स्थिति अब पहले से कहीं अधिक मजबूत है और वह किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

उत्तरी सीमा पर 10 ब्रिगेड की तैनाती

रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए उत्तरी सीमाओं और विभिन्न ट्रेनिंग सेंटरों में अब 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड के बराबर सैन्य बल तैनात किया गया है। यह तैनाती स्पष्ट करती है कि भारतीय सेना ने रणनीतिक मोर्चों पर अपनी रक्षात्मक और आक्रामक क्षमता को बढ़ाया है।

कूटनीतिक वार्ता और कोर कमांडर स्तर की बैठकें

साल 2020 की गलवान घाटी हिंसा के बाद से दोनों देशों के बीच पैदा हुए तनाव में अब ठहराव दिख रहा है। रिपोर्ट बताती है कि राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर की सकारात्मक वार्ताओं से बॉर्डर पर स्थिरता आई है। तनाव कम करने के लिए पांच साल बाद सैन्य स्तर की बातचीत को आगे बढ़ाते हुए अक्टूबर 2025 में पूर्वी लद्दाख में 23वीं कोर कमांडर स्तर की बैठक आयोजित की गई।

इसके साथ ही बॉर्डर पर्सनल मीटिंग (BPM) के जरिए दोनों देश स्थानीय मुद्दों को एक-एक कर उठा रहे हैं और आपसी सहमति से उनका समाधान कर रहे हैं। सीमा विवाद को सुलझाने के लिए विशेष प्रतिनिधियों (SR) की बैठकें भी फिर से शुरू हुई हैं, जिनके दो दौर दिसंबर 2024 और अगस्त 2025 में संपन्न हुए।

SCO समिट और द्विपक्षीय संबंधों में सुधार

रिपोर्ट में भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों में आए सकारात्मक विकास का श्रेय उच्च स्तरीय कूटनीति को भी दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2025 में चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था, जहां हुई द्विपक्षीय वार्ताओं ने संबंधों को मजबूती दी।

J&K: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से बदली नियंत्रण रेखा की स्थिति

LAC के साथ-साथ रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर और भारत-पाकिस्तान सीमा की सुरक्षा स्थिति पर भी विस्तृत अपडेट दिया गया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जम्मू-कश्मीर और नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारतीय सेना की रणनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि कश्मीर की आम जनता ने विकास का मार्ग चुना है, जिसके परिणामस्वरूप घाटी में हिंसा का स्तर काफी कम हुआ है, विरोध प्रदर्शन सीमित रह गए हैं और पत्थरबाजी की घटनाएं पूरी तरह थम चुकी हैं।