ट्रंप-शहबाज की जुगलबंदी, क्या US-Pakistan रिश्तों में आ रहा है स्थायी बदलाव?

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संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान अमेरिका और पाकिस्तान के बीच सार्वजनिक कूटनीति का एक नया और अहम अध्याय देखने को मिला। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बयानों ने दोनों देशों के रिश्तों में एक नई गर्मजोशी का संकेत दिया है।

ट्रंप ने जहां शहबाज शरीफ को “terrific man” (शानदार इंसान) बताया और मई 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव को रोकने में अपनी भूमिका का दावा किया, वहीं शरीफ ने भी UNGA के मंच से ट्रंप के “समय पर हस्तक्षेप” की सराहना की।

ट्रंप और शहबाज की सार्वजनिक जुगलबंदी

22 सितंबर 2026 को UNGA में अपने संबोधन के दौरान, डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में 8 संघर्षों को समाप्त करने में भूमिका निभाई है, जिनमें मई 2025 का भारत-पाकिस्तान तनाव भी शामिल है। ट्रंप ने कहा कि उनके हस्तक्षेप से लगभग तीन करोड़ (30 million) जानें बचीं।

इसके जवाब में 25 सितंबर को शहबाज शरीफ ने अपने UN संबोधन में ट्रंप को इस हस्तक्षेप के लिए सार्वजनिक रूप से धन्यवाद दिया। इसके अगले ही दिन 26 सितंबर को ट्रंप ने शहबाज के भाषण का 87 सेकंड का वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर साझा कर दिया।

हालांकि, इस कूटनीतिक कहानी का एक दूसरा पहलू यह है कि भारत लगातार इस दावे का खंडन करता रहा है। नई दिल्ली का स्पष्ट कहना है कि मई 2025 का सैन्य संघर्ष किसी तीसरे पक्ष (अमेरिका) की मध्यस्थता से नहीं, बल्कि दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे संपर्क के बाद रुका था।

सिर्फ कूटनीति नहीं, आर्थिक मोर्चे पर भी बढ़ रहे कदम

अमेरिका और पाकिस्तान की यह नजदीकी सिर्फ बयानों या सुरक्षा मुद्दों तक सीमित नहीं है। दोनों देश आर्थिक और कारोबारी मोर्चों पर भी संबंध मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं:

  • टैरिफ व्यवस्था: अगस्त 2025 में पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ एक टैरिफ व्यवस्था की घोषणा की थी, जिसमें पाकिस्तानी निर्यात पर 19 प्रतिशत पारस्परिक टैरिफ लागू करने की बात थी।

  • अमेरिकी निवेश: सितंबर 2026 में शहबाज शरीफ ने न्यूयॉर्क में अमेरिकी कारोबारी प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इसमें कृषि, खान व खनिज, IT, AI और शिपिंग जैसे क्षेत्रों में अमेरिकी निवेश पर चर्चा हुई।

  • महत्वपूर्ण खनिज: दोनों देशों ने एंटीमनी, तांबा, सोना, टंगस्टन और दुर्लभ मृदा तत्वों (Critical Minerals) के क्षेत्र में सहयोग का एक नया ढांचा तैयार किया है।

सेना प्रमुख आसिम मुनीर की भूमिका

पाकिस्तान की राजनीति और विदेश नीति में सेना की भूमिका हमेशा से अहम रही है। खुद डोनाल्ड ट्रंप कह चुके हैं कि मई 2025 के संघर्ष को रोकने में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अहम भूमिका निभाई थी। दिलचस्प बात यह है कि इसके ठीक बाद, जून 2025 में पाकिस्तान ने औपचारिक रूप से ट्रंप को ‘नोबेल शांति पुरस्कार’ के लिए भी रिकमेंड किया था।

क्या यह रिश्तों में कोई स्थायी बदलाव है?

कूटनीतिक जानकारों के मुताबिक, UNGA में दिखी यह गर्मजोशी महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे तुरंत किसी ‘स्थायी रणनीतिक गठबंधन’ का नाम देना जल्दबाजी होगी। अमेरिका-पाकिस्तान के रिश्तों का इतिहास हमेशा से उतार-चढ़ाव भरा रहा है। भविष्य में इन रिश्तों की दिशा केवल नेताओं के व्यक्तिगत समीकरणों पर नहीं, बल्कि आतंकवाद, व्यापार, अफगानिस्तान की स्थिति और भारत-अमेरिका संबंधों के संतुलन पर निर्भर करेगी।

फिलहाल, यह स्पष्ट है कि ट्रंप भारत-पाक संघर्ष में अपनी भूमिका को प्रमुखता से पेश कर रहे हैं और पाकिस्तान इस नैरेटिव का समर्थन कर रहा है, भले ही भारत का पक्ष इससे बिल्कुल अलग हो।