ट्रंप के प्रस्ताव ठुकराने पर भड़का ईरान; विदेश मंत्री अराघची ने दी ‘एपोकैलिप्टिक वॉर’ की चेतावनी

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मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग और कूटनीतिक गतिरोध और गहरा गया है। ईरान द्वारा जंग खत्म करने और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को खोलने के लिए रखी गई 7 शर्तों वाले शांति प्रस्ताव को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खारिज कर दिया। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपने संबोधन के दौरान ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। इस पर कड़ा पलटवार करते हुए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कर दिया है कि ईरान शांति का पक्षधर है, लेकिन अमेरिका की आक्रामकता का जवाब उसी की भाषा में दिया जाएगा।

‘हम जंग बेचने नहीं, शांति का रास्ता बनाने आए थे’

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने न्यूयॉर्क में दोटूक अंदाज में कहा कि वे और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान जंग को बढ़ावा देने नहीं, बल्कि कूटनीति के जरिए शांति का रास्ता तलाशने अमेरिका आए थे।

अराघची ने राष्ट्रपति ट्रंप के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा, “एक तरफ राष्ट्रपति ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट खोलने वाले हमारे प्रस्ताव को ठुकरा रहे हैं और दूसरी तरफ आगे शांति वार्ता होने की उम्मीद भी जता रहे हैं। पूरी दुनिया को देखना चाहिए कि वास्तव में ट्रंप क्या चाहते हैं और उनके इस रुख का दुनिया की स्थिरता पर क्या प्रभाव पड़ेगा।”

‘एपोकैलिप्टिक वॉर’ की चेतावनी और 7 दिन का काउंटडाउन

अमेरिकी धमकियों का जवाब देते हुए ईरानी विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी दबाव के आगे सरेंडर नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान अब अमेरिका की हर आक्रामकता का जवाब पूरी ताकत और आक्रामक तरीके से देगा, भले ही इसके चलते मिडिल ईस्ट के हालात ‘एपोकैलिप्टिक वॉर’ (सर्वनाशकारी युद्ध) तक ही क्यों न पहुंच जाएं।

इसके साथ ही उन्होंने कूटनीति के लिए खिड़की खुली रखते हुए कहा कि अगर राष्ट्रपति ट्रंप चाहें, तो होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और सैन्य टकराव रोकने के लिए 7 दिन का काउंटडाउन शुरू कर सकते हैं। यदि अमेरिका समझौते की शर्तों को ईमानदारी से लागू करने की गारंटी देता है, तो दोनों देशों के बीच सहमति वाले बिंदुओं पर वार्ता आगे बढ़ सकती है।

औपचारिक जवाब का इंतजार और होर्मुज स्ट्रेट पर गतिरोध

अराघची ने रेखांकित किया कि होर्मुज स्ट्रेट को तभी खोला जाएगा, जब अमेरिका ईरान की सभी 7 शर्तों को पूरा करेगा। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों की ओर से अभी तक अमेरिका द्वारा शांति प्रस्ताव खारिज किए जाने की आधिकारिक सूचना तेहरान को नहीं मिली है।

ईरान फिलहाल औपचारिक जवाब का इंतजार कर रहा है और उसके बाद ही अपनी अगली रणनीति तय करेगा। उन्होंने कहा कि परमाणु कार्यक्रम सहित अन्य मसलों पर बातचीत संभव है, लेकिन यह किसी धमकी या दबाव के तहत नहीं होगी। वर्तमान में होर्मुज स्ट्रेट दोनों देशों के बीच टकराव का सबसे संवेदनशील और अहम बिंदु बना हुआ है।