अमेरिका ने बढ़ाई इमिग्रेशन फीस, रोजगार चाहने वाले भारतीयों पर पड़ेगा असर
संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में नौकरी और शरण (Asylum) की तलाश में जाने वाले विदेशियों, विशेषकर भारतीयों के लिए एक अहम खबर है। अमेरिका ने अपने यहां आने वाले विदेशी लोगों के लिए इमिग्रेशन (Immigration) फीस में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है।
यूनाइटेड स्टेट्स सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, 16 अक्टूबर 2026 से शरण आवेदनों, रोजगार प्राधिकरण (Employment Authorization), अस्थायी संरक्षित स्थिति (TPS) और कुछ इमिग्रेशन पैरोल लाभों के लिए नई और बढ़ी हुई फीस लागू हो गई है।
महंगाई को देखते हुए लिया गया फैसला
अमेरिकी इमिग्रेशन सर्विसेज ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला H.R. 1 रिकॉन्सिलिएशन (Reconciliation) कानून के तहत किया गया है, जिसमें हर साल महंगाई को समायोजित करने का प्रावधान है। USCIS के मुताबिक, यह फीस बढ़ोतरी जुलाई 2025 से जुलाई 2026 के बीच की महंगाई दर को ध्यान में रखकर की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह बहुत मामूली बढ़ोतरी है और 16 अक्टूबर या उसके बाद आने वाले सभी आवेदनों पर नए शुल्क ही लागू होंगे।
किन श्रेणियों में कितनी बढ़ी फीस?
नए शुल्क मुख्य रूप से इमिग्रेशन से जुड़ी चार श्रेणियों पर लागू किए गए हैं:
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शरण (Asylum) आवेदन: इसका शुल्क 102 डॉलर (करीब ₹9,679) से बढ़ाकर 105 डॉलर (करीब ₹9,964) कर दिया गया है।
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इमिग्रेशन पैरोल (फॉर्म I-131): इसका शुल्क 1,020 डॉलर (करीब ₹96,795) से बढ़ाकर 1,050 डॉलर (करीब ₹99,642) हो गया है।
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रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज (EAD): शरण चाहने वालों, पैरोल पाने वालों और TPS आवेदकों के लिए शुरुआती EAD आवेदन शुल्क 560 डॉलर (करीब ₹53,142) से बढ़ाकर 570 डॉलर (करीब ₹54,091) कर दिया गया है।
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TPS आवेदन (फॉर्म I-821): यह शुल्क 510 डॉलर (करीब ₹48,397) से बढ़कर 520 डॉलर (करीब ₹49,346) हो गया है।
भारतीयों पर क्या होगा असर?
इस बढ़ोतरी में सबसे ज्यादा असर रोजगार प्राधिकरण (EAD) फीस पर पड़ेगा। हर साल हजारों भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और अन्य पेशेवर अमेरिका में रोजगार की तलाश में जाते हैं। इस फैसले के बाद उनके लिए अमेरिका जाकर बसना और काम करना थोड़ा और महंगा हो जाएगा।
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और आगामी चुनावों के प्रमुख उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप भारतीयों के लिए सबसे महत्वपूर्ण H-1B वीजा की फीस बढ़ाने की वकालत कर रहे हैं। (भारत से बड़ी संख्या में पेशेवर H-1B वीजा पर अमेरिका काम करने जाते हैं।)
अन्य वीजा फीस में कोई बदलाव नहीं
USCIS ने साफ किया है कि यह फीस बढ़ोतरी केवल ऊपर उल्लिखित इमिग्रेशन फॉर्म के लिए ही है। छात्र वीजा, पर्यटक वीजा या अन्य प्रकार के वीजा के लिए अभी भी पुराने शुल्क का ही भुगतान करना होगा। बढ़ी हुई फीस केवल उन आवेदनों पर लागू होगी, जिन पर 16 अक्टूबर 2026 या उसके बाद की तारीख (पोस्ट मार्क) दर्ज होगी।
