September 16, 2026

तिब्बत में फटा ग्लेशियर, नेपाल में बाढ़ से 1000 लोगों के बहने की आशंका

nepal

नेपालगंज :  हिमालयी क्षेत्र तिब्बत में बुधवार सुबह ग्लेशियर फटने से पड़ोसी देश नेपाल में भारी तबाही मची है। सुबह करीब 9 बजे ग्लेशियर टूटने के बाद अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी का तेज बहाव आ गया। इस जलप्रलय ने चीन सीमा से लगे नेपाल के रसुवा इलाके में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, रसुवा के टिमुरे और स्याफ्रूबेसी गांवों के आस-पास करीब 1000 लोगों के बहने की आशंका जताई जा रही है।

इस प्राकृतिक आपदा में रसुवागढ़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये की चपत लगी है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह खुद पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। सरकार के निर्देश पर पुलिस, सेना और राहत-बचाव टीमों को ग्राउंड पर उतार दिया गया है ताकि प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा सके।

भोटे कोशी से त्रिशूली नदी तक बाढ़ का कहर

नेपाल पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर वायरल हो रहे वीडियो के अनुसार, ग्लेशियर भोटे कोशी नदी के जलग्रहण क्षेत्र में फटा है। तिब्बत से निकलने वाली यह नदी आगे चलकर त्रिशूली नदी में मिल जाती है। त्रिशूली का यही पानी अंततः भारत की गंडक नदी में पहुंचता है। ग्लेशियर फटने के बाद नदी में ऊपर से भरभरा कर पानी और मलबा आया, जिसने रास्ते में आने वाले लोगों और बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया।

प्रशासन का अलर्ट: नदी किनारे से हटें लोग

रसुवा के जिला प्रशासक नरेंद्र परियार ने हालात का जायजा लेते हुए टिमुरे और स्याफ्रूबेसी गांवों के साथ-साथ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को हुए भारी नुकसान की पुष्टि की है। उन्होंने फिलहाल बाढ़ में बहने वाले लोगों की सटीक संख्या का कोई आंकड़ा नहीं दिया है।

चीन-तिब्बत सीमा पर बसे इन दोनों गांवों और नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित और ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने का आदेश दिया गया है।

राहत-बचाव कार्य में भौगोलिक चुनौतियां

आपदा के तुरंत बाद प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह सीधे राहत-बचाव टीमों के साथ-साथ पुलिस और सेना को आवश्यक निर्देश दे रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में दुर्गम पहाड़ी इलाका और पानी का अत्यधिक तेज बहाव सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि जब तक नदी का जलस्तर नीचे नहीं आता, तब तक जानमाल के नुकसान की पूरी और साफ तस्वीर सामने आना मुश्किल है।

पिछले साल भी भोटे कोशी ने मचाई थी तबाही

भोटे कोशी नदी में उफान का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले साल भी तिब्बत की सुप्राग्लेशियल झील में ग्लेशियर फटने के कारण इस नदी में विनाशकारी बाढ़ आई थी। उस आपदा में 9 लोगों की मौत हो गई थी और 25 लोग लापता हो गए थे, जिनका आज तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।

उस भयंकर बाढ़ ने नेपाल और चीन को जोड़ने वाले अहम ‘फ्रेंडशिप ब्रिज’ को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था। इस पुल के टूटने के कारण दोनों देशों के बीच ट्रांसपोर्ट और व्यापार कई महीनों तक पूरी तरह ठप रहा था।