सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में हुई NCP की अहम बैठक: सूखे से निपटने के लिए तीन दिन जिलों का दौरा करेंगे मंत्री, वित्त मंत्रालय को लेकर उठी मांग
महाराष्ट्र में सूखे और किसानों की गंभीर स्थिति को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) ने कमर कस ली है। मंगलवार (3 नवंबर) को पार्टी की एक उच्च स्तरीय विधायक दल की बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में उनके सरकारी आवास ‘देवगिरी’ पर आयोजित की गई। करीब तीन घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में मुख्य रूप से राज्य के सूखाग्रस्त इलाकों और किसानों की समस्याओं पर गंभीर मंथन किया गया।
बैठक के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने मीडिया को जानकारी दी कि बैठक में 30 से अधिक विधायक और विधान परिषद सदस्य मौजूद रहे, जबकि कुछ विधायक पहले से तय कार्यक्रमों के कारण राज्य से बाहर होने के कारण शामिल नहीं हो सके।
मंत्रियों और विधायकों को दिए गए ग्राउंड विजिट के निर्देश
बैठक में लिए गए सबसे अहम फैसलों के तहत पार्टी ने अपने मंत्रियों और विधायकों को ज़मीन पर उतरने के निर्देश दिए हैं।
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तीन दिन जिलों का दौरा: एनसीपी के सभी पालक मंत्री और अन्य मंत्री गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार—लगातार तीन दिनों तक अपने-अपने प्रभार वाले जिलों और क्षेत्रों के दौरे पर रहेंगे।
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पंचनामे और मुआवजे की समीक्षा: मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर जिले और तालुका में कम से कम चार-पांच जगहों का दौरा करें। इस दौरान वे सीधे किसानों से मिलेंगे, फसलों के नुकसान के पंचनामे और सरकारी मदद व मुआवजे की स्थिति की समीक्षा करेंगे। जरूरत पड़ने पर वे स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे।
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दिवाली के बाद सीएम के साथ दौरे: सुनील तटकरे ने बताया कि दीवाली के बाद मुख्यमंत्री और एनसीपी के मंत्रियों के संयुक्त दौरे भी शुरू होंगे। इसके अलावा, एमएलसी (MLC) को भी सूखाग्रस्त जिलों के कुछ विशेष ताल्लुक़ सौंपे जाएंगे ताकि वे खेतों तक पहुंचकर किसानों की दिक्कतें समझ सकें।
वित्त मंत्रालय को वापस पाने की उठी मांग
बैठक के दौरान विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के सामने वित्त और नियोजन विभाग (Finance Department) को लेकर अपनी मांग रखी। विधायकों का कहना था कि जब अजित पवार के नेतृत्व में एनसीपी महायुति (NDA) में शामिल हुई थी, तब यह महत्वपूर्ण विभाग पार्टी के पास था और खुद अजित पवार इसे संभाल रहे थे। ऐसे में विधायकों की प्रबल इच्छा है कि यह विभाग दोबारा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पास ही आना चाहिए।
इसके अलावा, कुछ विधायकों ने अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए फंड की कमी का मुद्दा भी उठाया। इस पर तटकरे ने भरोसा दिलाया कि सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त फंड जुटाने के प्रयास किए जाएंगे।
SIR प्रक्रिया और रोहित पवार के बयानों पर पलटवार
बैठक में पार्टी संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सुनील तटकरे ने बताया कि SIR की प्रक्रिया, BLO-2 की नियुक्ति और संगठन को मजबूत करने से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता रोहित पवार द्वारा दिए गए बयानों पर पलटवार करते हुए तटकरे ने कहा कि रोहित पवार को पहले पिछले नौ महीनों में अपने द्वारा दिए गए बयानों पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रोहित पवार सिर्फ टीवी पर अपनी चमक बनाए रखने के लिए बयानबाजी करते हैं और उनकी बातों को ज्यादा गंभीरता से लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।
तटकरे ने स्पष्ट किया कि बैठक में किसी भी विधायक ने बीजेपी या एकनाथ शिवसेना के खिलाफ कोई नकारात्मक टिप्पणी नहीं की है। सभी नेता महायुति गठबंधन का हिस्सा हैं और आपसी समन्वय के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
