September 16, 2026

राम मंदिर का नया CEO कौन? राजेश पांडे-योगेश्वर मिश्रा रेस में आगे

ayodhya

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार, 2 सितंबर को एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में राम मंदिर परिसर के प्रबंधन को और अधिक पेशेवर तथा पारदर्शी बनाने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति पर फैसला लिया जा सकता है। इस अहम पद की दौड़ में तीन नाम आगे बताए जा रहे हैं, जिनमें प्रयागराज के पूर्व आईपीएस राजेश पांडे और गोंडा के पूर्व आईएएस योगेश्वर मिश्रा सबसे प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं।

एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे हैं पूर्व IPS राजेश पांडे

मूल रूप से प्रयागराज के रहने वाले राजेश पांडे उत्तर प्रदेश कैडर के 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने 21 फरवरी 1989 को यूपी पुलिस में डीएसपी के पद से अपनी सेवा शुरू की थी, जिसके बाद प्रमोट होकर वह आईपीएस बने।

पुलिस महकमे में उन्हें एक ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के तौर पर जाना जाता है। वह यूपी एसटीएफ (UP STF) और यूपी एटीएस (UP ATS) के संस्थापक सदस्यों में भी शामिल रहे हैं। 30 जून 2021 को वह उत्तर प्रदेश पुलिस के आईजी-इलेक्शन सेल के पद से रिटायर हुए थे।

प्रशासनिक अनुभव वाले पूर्व IAS योगेश्वर मिश्रा

सीईओ पद के दूसरे प्रमुख दावेदार योगेश्वर राम मिश्रा उत्तर प्रदेश कैडर के 2005 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। 8 मई 1964 को जन्मे मिश्रा को यूपी सरकार के भीतर विभिन्न प्रशासनिक भूमिकाओं का व्यापक अनुभव है।

अपने करियर के दौरान उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट, विशेष सचिव और भू-राजस्व विभाग में जनगणना संचालन निदेशक जैसे अहम पदों पर काम किया है। उनकी सबसे हालिया नियुक्ति 18 मई 2023 से गोंडा में संभागीय आयुक्त (मंडलायुक्त) के रूप में रही थी।

निर्माण प्रगति और सुरक्षा व्यवस्था पर भी मंथन

मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति के अलावा यह बैठक राम मंदिर निर्माण कार्य की मौजूदा स्थिति और भविष्य की योजनाओं के लिहाज से भी काफी अहम मानी जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के सदस्य रामलला के दर्शन के लिए लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने पर विस्तार से विचार-विमर्श करेंगे। बैठक में मंदिर से जुड़े प्रशासनिक मुद्दों के साथ-साथ निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी।