September 15, 2026

सरकार के 3 वादों पर CJP का प्रदर्शन रद्द, FIR-मुआवजे पर सहमति

Abhijeet Dipke

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार और CJP के बीच एक बड़ा गतिरोध सुलझ गया है। केंद्र सरकार की तरफ से तीन महत्वपूर्ण वादे पूरे करने की प्रतिबद्धता जताए जाने के बाद सीजेपी (CJP) ने 5 सितंबर को प्रस्तावित अपना राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन और मार्च वापस लेने का ऐलान कर दिया है।

केंद्र सरकार के 3 बड़े वादे

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि केंद्र के प्रतिनिधियों और CJP के नेताओं के बीच बातचीत हुई है। इस बातचीत के दौरान सरकार ने तीन बातों का पक्का भरोसा दिया है:

  1. FIR वापसी: छात्रों के खिलाफ दर्ज की गई पुरानी एफआईआर (FIR) वापस ली जाएंगी।

  2. नई FIR पर रोक: इस मामले में आगे कोई नई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी।

  3. मुआवजा: आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को सरकार मुआवजा देगी।

SG तुषार मेहता ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार इन तीनों वादों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस भी छात्रों पर दर्ज 13 FIR को आगे नहीं बढ़ाना चाहती है, हालांकि आपराधिक इतिहास वाले 2873 लोगों पर पुलिस एक नई FIR दर्ज करना चाहती है।

सुप्रीम कोर्ट से अनुच्छेद 142 के इस्तेमाल की अपील

सॉलिसिटर जनरल ने यह भी जानकारी दी कि बिहार, महाराष्ट्र, असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने भी ऐसी ही अर्जी दाखिल की है और यह संभव है कि कुछ अन्य राज्यों में भी छात्रों पर FIR दर्ज हों। इस पर मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि वह संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए 20 जुलाई से संबंधित सभी FIR रद्द करने का आदेश जारी करे।

3 महीने में मिलेगा मुआवजा

मुआवजे के मुद्दे पर SG मेहता ने कहा कि सरकार सुसाइड करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने के वादे पर पूरी तरह कायम है। हालांकि, इसके लिए उचित प्रक्रिया (मोडेलिटी) बनानी होगी, जिसके लिए सरकार को तीन महीने का समय चाहिए।

इस पर CJP की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर ने पूछा कि क्या इन तीन महीनों के भीतर मुआवजे का भुगतान कर दिया जाएगा? इस पर एसजी मेहता ने सकारात्मक जवाब देते हुए कहा कि “हां, भुगतान भी होगा।”

CJP ने कहा- ‘हम प्रदर्शन वापस लेते हैं’

सरकार के इस रुख और आश्वासन के बाद सॉलिसिटर जनरल ने CJP के 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च का जिक्र किया और कहा कि जब सरकार सारे वादे पूरे कर रही है, तो CJP नेताओं को इस पर फैसला लेना चाहिए।

इसके बाद सीजेपी नेता सौरभ दास ने अदालत में कहा कि सरकार के सकारात्मक आश्वासन और सुप्रीम कोर्ट के न्यायिक आदेश की पवित्रता का सम्मान करते हुए CJP अपना 5 सितंबर का दिल्ली मार्च वापस ले रही है।

चीफ जस्टिस की टिप्पणी

सौरभ दास ने सरकार के रुख की तारीफ की और अपने वकीलों का आभार जताया। मामले की सुनवाई कर रहे चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इस सहमति पर संतोष जताते हुए एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “यदि दोनों पक्ष अच्छी भावना और सकारात्मक रुख दिखाएं, तो दुनिया की हर बात सुलझाई जा सकती है।”