September 16, 2026

जानिए पीएम मोदी से तारीफ पाने वाले कृष्णा शेषाद्री कौन हैं! क्यों हो रही चर्चा

Krishna Sheshadri

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मुंबई के रहने वाले कृष्णा शेषाद्री के एक खास इनोवेशन का जिक्र किया और उनसे फोन पर बातचीत की। कृष्णा ने भारतीय इतिहास को रोचक और सुलभ बनाने के लिए ‘BharatRajya.com’ नाम की एक वेबसाइट तैयार की है, जिसकी पीएम मोदी ने जमकर सराहना की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि शेषाद्री का यह प्रयास केवल इतिहास के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि हम सभी को अपने अतीत को एक रोचक तरीके से जानने में मदद करेगा।

सोशल मीडिया से मिली वेबसाइट की जानकारी

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उन्हें इस अनूठी पहल की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए मिली थी। एक पोस्ट में लिखा गया था, “आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर मुझे यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि इतिहास को रोचक बनाने के अपने प्रयास का शुभारंभ कर रहा हूं।”

पीएम मोदी ने इस आइडिया को बेहद सरल बताते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति इस वेबसाइट पर जाकर सिर्फ एक वर्ष (Year) चुन सकता है और उसे तुरंत पता चल जाएगा कि उस समय भारत के किस हिस्से पर किस राजा या राजवंश का शासन था। प्रधानमंत्री ने खुद इस वेबसाइट को काफी दिलचस्प बताया।

पीएम ने पूछे चार सवाल, सुनाई रिकॉर्डिंग

प्रधानमंत्री ने कृष्णा शेषाद्री के साथ फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो भी देशवासियों को सुनाया। इस बातचीत में पीएम मोदी ने शेषाद्री से उनके काम को लेकर चार सवाल पूछे। बातचीत की शुरुआत में कृष्णा देश के प्रधानमंत्री से बात करने को लेकर थोड़े घबराए हुए लगे, लेकिन बाद में उन्होंने सहजता से पूरी बातचीत की और अपनी वेबसाइट के विजन को साझा किया।

चोल और अहोम जैसे साम्राज्यों को सामने लाने की कोशिश

कृष्णा शेषाद्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि उन्हें यह वेबसाइट बनाने का आइडिया स्कूल और कॉलेजों की पढ़ाई के तरीके से आया। उन्होंने कहा कि हमारे शैक्षणिक संस्थानों में भारतीय इतिहास अक्सर किसी एक साम्राज्य या राज्य के नजरिए से पढ़ाया जाता है और कुछ विशेष साम्राज्यों पर जरूरत से ज्यादा ध्यान दिया जाता है।

शेषाद्री के मुताबिक, इतिहास के इस सीमित नजरिए के कारण कई महान साम्राज्य पीछे छूट जाते हैं। उन्होंने चोल, पल्लव, कश्मीर के करकोटा वंश और असम में कम से कम 600 सालों तक अपनी संस्कृति व मूल्यों को बचाकर रखने वाले अहोम साम्राज्य का उदाहरण दिया। शेषाद्री ने बताया कि उनकी वेबसाइट BharatRajya.com का मुख्य उद्देश्य इन्हीं अनसुने साम्राज्यों और राजवंशों की जानकारी को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देश के सामने लाना है।