पटना में तेज हुआ डेंगू का डंक: 13 दिन में मिले 74 नए मरीज, सबसे ज्यादा युवा आ रहे चपेट में; अस्पतालों में अलर्ट
बिहार से मॉनसून की विदाई के बाद पटना में जलजमाव और मौसम में बदलाव के कारण डेंगू (Dengue) का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 1 अक्टूबर से 13 अक्टूबर 2026 के बीच शहर में 74 नए डेंगू पॉजिटिव मरीज मिले हैं। अकेले 13 अक्टूबर को 13 मरीजों की पुष्टि हुई है।
इस साल जनवरी से लेकर अब तक कुल मरीजों की संख्या 411 पहुंच गई है। हालांकि, पटना सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र मंडल के अनुसार, पिछले वर्ष (2025 में 1784 केस) की तुलना में अभी मरीजों की कुल संख्या कम है, लेकिन अक्टूबर महीने में संक्रमण की रफ्तार तेज हुई है।
पटना सिटी बना हॉटस्पॉट, सरकारी अस्पतालों में उमड़ी भीड़
आंकड़ों के मुताबिक, डेंगू का सबसे ज्यादा असर पटना सिटी इलाके में देखने को मिल रहा है। मरीजों के इलाज के लिए सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में विशेष इंतजाम किए गए हैं:
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अब तक सबसे अधिक 250 मरीज सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे हैं।
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नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NMCH) में सर्वाधिक 113 पॉजिटिव मरीज मिले हैं।
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पटना एम्स (AIIMS) और पीएमसीएच (PMCH) में 26-26 मरीजों की पुष्टि हुई है।
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निजी (प्राइवेट) अस्पतालों में कुल 109 मरीजों का आंकड़ा सामने आया है।
युवा वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित
इस बार डेंगू का डंक सबसे ज्यादा युवाओं को अपना शिकार बना रहा है। स्वास्थ्य विभाग के उम्र-वार आंकड़ों के अनुसार:
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21 से 30 वर्ष के बीच के सबसे ज्यादा 97 मरीज मिले हैं।
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11 से 20 वर्ष के 90 मरीज चपेट में आए हैं।
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31 से 40 वर्ष की उम्र वाले 68 मरीज संक्रमित पाए गए हैं।
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10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में भी 42 डेंगू केस सामने आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम एक्टिव मोड में
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह एक्टिव मोड में है। सिविल सर्जन ने बताया कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है, इसलिए नगर निगम के साथ मिलकर जागरूकता और फॉगिंग अभियान चलाया जा रहा है।
अस्पतालों में भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए NMCH और PMCH दोनों में 20-20 बेड का स्पेशल डेंगू वार्ड तैयार किया गया है। इसके साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए दोनों अस्पतालों में 5-5 वेंटिलेटर भी रिजर्व रखे गए हैं।
