रेलवे कर्मचारियों को बोनस, दिव्यांगों के लिए पेंशन नियमों में बदलाव; जानें 3 बड़े फैसले

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त्योहारी सीजन से पहले केंद्र की मोदी सरकार ने रेलवे कर्मचारियों, दिव्यांगजनों और एमएसएमई (MSMEs) सेक्टर को बड़ी सौगात दी है। कैबिनेट की बैठक में तीन अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि इन फैसलों का सीधा असर लाखों लोगों और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस

सरकार ने रेलवे के करीब 11.40 से 11.50 लाख कर्मचारियों को 78 दिन का परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस (PLB) देने की मंजूरी दी है। यह बोनस दिवाली से ठीक पहले बांटा जाएगा।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे दिन-रात मेहनत करने वाले रेल कर्मचारियों के लिए ‘दिवाली का तोहफा’ बताया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान भी रेलवे कर्मचारी पटरियों, ट्रेनों और वर्कशॉप में लगातार काम करते हैं। इस बोनस के वितरण पर सरकार 2,009 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

दिव्यांगों के लिए पेंशन के नियम हुए आसान

कैबिनेट का दूसरा बड़ा फैसला देश के सामाजिक सुरक्षा दायरे (Social Security Net) को 2031 तक बढ़ाने से जुड़ा है। इसके विस्तार के लिए 53,428 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

इसी के तहत दिव्यांगजनों (विकलांग व्यक्तियों) की पेंशन के नियमों में दो बड़े और अहम बदलाव किए गए हैं:

  • थ्रेशोल्ड में कमी: पहले यह पेंशन केवल उन लोगों को मिलती थी, जिनकी विकलांगता कम से कम 80 फीसदी हो। सरकार ने अब इस सीमा को आधा करते हुए 40 फीसदी कर दिया है। यानी अब 40 फीसदी विकलांगता वाले व्यक्ति भी पेंशन के हकदार होंगे।

  • जन्म से मिलेगी पेंशन: पहले दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ 18 साल की उम्र से दिया जाता था। नए नियमों के तहत अब दिव्यांग व्यक्तियों को जन्म से ही इस पेंशन योजना में कवर किया जाएगा। इससे लाभार्थियों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा।

IDBI बैंक का रणनीतिक पुनर्गठन और MSME को बूस्ट

अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए तीसरा फैसला वित्तीय क्षेत्र से जुड़ा है। सरकार ने IDBI बैंक के रणनीतिक पुनर्गठन (Strategic Restructuring) का निर्णय लिया है। इस पुनर्गठन के तहत भारत सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) मिलकर बैंक में 34 फीसदी की हिस्सेदारी बनाए रखेंगे। हिस्सेदारी बनाए रखने से भविष्य में सरकार और LIC दोनों की होल्डिंग्स की वैल्यू बढ़ने की उम्मीद है।

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस कदम से IDBI और पूरे वित्तीय सेवा क्षेत्र में नई कैपिटल आएगी। बाजार को मिलने वाली इस नई मजबूती से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSMEs), छोटे कारखानों और नए उद्यमियों के लिए तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। इसके अलावा, इस पुनर्गठन से देश के वित्तीय सेवा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आने की भी उम्मीद है।

कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पिछली तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8 फीसदी रही है। इसी के चलते IMF ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत की ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया है।