मुस्कान और साहिल को फांसी, 15 टुकड़े कर नीले ड्रम में डाला था पति का शव, जानें पूरी टाइमलाइन

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उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए रोंगटे खड़े कर देने वाले ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड में अदालत ने अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। मर्चेंट नेवी के अधिकारी सौरभ राजपूत की बेरहमी से हत्या कर शव के 15 टुकड़े करने वाली पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को कोर्ट ने मौत की सजा (फांसी) सुनाई है।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने 30 सितंबर को दोनों को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दिया था। सजा का ऐलान होते ही मुस्कान और साहिल अदालत में रो पड़े। कोर्ट में मौजूद सौरभ के परिजनों ने इस फैसले पर संतोष जताया है। इस हत्याकांड को क्रूरता की हदें पार करने के कारण ‘रैरेस्ट ऑफ रेयर’ (Rarest of Rare) की श्रेणी में रखा गया।

लव मैरिज का खौफनाक अंत

सौरभ राजपूत और मुस्कान रस्तोगी ने साल 2016 में लव मैरिज की थी। उनकी एक बेटी पीहू भी है। सौरभ मर्चेंट नेवी में लंदन में नौकरी करता था। इसी दौरान मुस्कान का पुराना प्रेमी साहिल शुक्ला दोबारा उसके संपर्क में आ गया। जब सौरभ छुट्टी पर मेरठ लौटा, तो दोनों ने मिलकर खौफनाक साजिश रची।

नीला ड्रम केस की पूरी टाइमलाइन (2025-2026):

  • 24 फरवरी 2025: सौरभ राजपूत लंदन से अपने घर (ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र, इंदिरा नगर) लौटा।

  • 25 फरवरी 2025: घर पर मुस्कान का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया।

  • 28 फरवरी 2025: बेटी पीहू का जन्मदिन मना। सब कुछ सामान्य दिख रहा था।

  • 3 मार्च 2025 (हत्या का दिन): मुस्कान ने सौरभ के खाने में नींद की गोलियां मिला दीं। उसके बेहोश होने पर प्रेमी साहिल को घर बुलाया और दोनों ने चाकू से सौरभ के दिल और गर्दन पर वार कर उसकी हत्या कर दी।

  • 4 मार्च 2025 (क्रूरता की हद): हत्या के बाद शव के करीब 15 टुकड़े किए गए। सिर, हाथ और धड़ को एक नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में डालकर ऊपर से सीमेंट और रेत भरकर सील कर दिया गया। मुस्कान ने अपनी बेटी को मायके छोड़ दिया।

  • 5 मार्च 2025: हत्या के अगले ही दिन मुस्कान और साहिल छुट्टियां मनाने शिमला-मनाली चले गए और वहां से इंस्टाग्राम पर फोटो-वीडियो डालकर सामान्य होने का दिखावा करते रहे।

  • 17-18 मार्च 2025: हिमाचल से लौटने के बाद मुस्कान ने घटना के बारे में परिवार को बताया। सौरभ के भाई राहुल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। घर से आ रही दुर्गंध के आधार पर पुलिस ने नीले ड्रम से शव के टुकड़े बरामद किए और हत्या का केस दर्ज किया।

  • 19 मार्च 2025: पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कोर्ट में पेशी के दौरान साहिल पर वकीलों ने गुस्सा जताते हुए हमला भी किया।

  • 12 मई 2025: पुलिस ने फोरेंसिक सुबूतों, मोबाइल लोकेशन और गवाहों के आधार पर 1000 पन्नों की मजबूत चार्जशीट दाखिल की।

  • नवंबर 2025: जेल में बंद रहने के दौरान मुस्कान ने अपनी दूसरी बेटी को जन्म दिया।

126 पेशी, 22 गवाह और अंत में सजा-ए-मौत

यह ट्रायल करीब 13 से 16 महीने तक चला। इस दौरान अदालत में कुल 126 पेशियां हुईं और 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए। 21 अप्रैल 2026 को धारा 313 के तहत आरोपियों से सवाल-जवाब हुए, जिसमें दोनों ने आरोपों से इनकार किया।

17 सितंबर 2026 को अंतिम बहस पूरी होने के बाद, अभियोजन पक्ष ने फांसी की मांग की। आखिरकार 14 अक्टूबर 2026 को जज अरविंद कुमार मिश्रा ने इसे जघन्य अपराध मानते हुए मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुना दी।