नासिक कुंभ मेला: IIM नागपुर करेगा भीड़ प्रबंधन, AI और LiDAR का होगा इस्तेमाल

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महाराष्ट्र के नासिक और त्र्यंबकेश्वर में आयोजित होने वाले आगामी ‘सिंहस्थ कुंभ मेले’ (Kumbh Mela) को लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मेले के सबसे अहम दिन यानी ‘शाही स्नान’ पर लगभग 2.5 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। वहीं, आम दिनों में भी दोनों शहरों में रोजाना कम से कम 10 लाख भक्त जुटेंगे। इतनी विशाल भीड़ को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संभालने के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM), नागपुर को भीड़ और ट्रैफिक प्रबंधन (Mobility Plan) के लिए कंसल्टेंट नियुक्त किया गया है।

AI और LiDAR तकनीक से तैयार होगा ‘मोबिलिटी प्लान’

आईआईएम (IIM) नागपुर के डायरेक्टर डॉ. भीमराय मैत्री ने जानकारी दी है कि कुंभ मेले के लिए प्रशासन से ‘मोबिलिटी प्लान’ का ड्राफ्ट मिलने के बाद संस्थान इसे वैलिडेट करेगा। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ट्रैफिक सिमुलेशन और लिडार (LiDAR) सर्वे जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। वर्तमान में ड्रोन के जरिए इलाकों का सर्वे किया जा रहा है।

ट्रैफिक और भीड़ मैनेजमेंट की खास रणनीतियां: कुंभ मेले के दौरान किसी भी तरह की भगदड़ या अव्यवस्था से बचने के लिए IIM नागपुर ने एक विस्तृत खाका तैयार करना शुरू कर दिया है:

  • अलग-अलग रास्ते: भीड़ का पहले से अंदाजा लगाकर पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं और वाहनों के लिए अलग-अलग मार्ग तय किए जाएंगे।

  • पार्किंग की व्यवस्था: नासिक और त्र्यंबकेश्वर के बाहरी इलाकों में कई बड़े पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। अलग-अलग दिशाओं (शहरों/राज्यों) से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग जोन निर्धारित होंगे।

  • इमरजेंसी सिस्टम: लिडार सर्वे और AI की मदद से उन इलाकों की पहले ही पहचान कर ली जाएगी, जहां भीड़ का दबाव सबसे ज्यादा हो सकता है। किसी भी जगह अचानक भीड़ बढ़ने की स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी रास्तों और सिस्टम की प्लानिंग पहले ही कर ली जाएगी।

डॉ. मैत्री के अनुसार, स्थानीय अधिकारियों से शुरुआती मोबिलिटी प्लान मिलने के बाद अगले एक महीने के भीतर ट्रैफिक सिमुलेशन और पूरे मैनेजमेंट का अंतिम प्लान तैयार कर लिया जाएगा।