जामिया मिलिया इस्लामिया में 18 साल बाद बहाल होगा छात्र संघ, प्रशासन ने दी चुनाव की मंजूरी
दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) विश्वविद्यालय में 18 साल (करीब दो दशक) के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर छात्र संघ चुनाव होने जा रहे हैं। छात्रों के लगातार विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल के बाद सोमवार (26 अक्टूबर) को विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह अहम घोषणा की।
संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन भीतर होंगे चुनाव
विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि “जामिया मिलिया इस्लामिया छात्र संघ के चुनाव, छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने की तारीख से 15 दिन के अंदर कराए जाएंगे।” गौरतलब है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने साल 2006 में छात्र संघ को भंग कर दिया था, जिसके बाद से छात्र लगातार एक निर्वाचित छात्र संघ को बहाल करने की मांग को लेकर आंदोलनरत थे।
सुरक्षा कर्मियों के आचरण की होगी जांच
विश्वविद्यालय के कुलसचिव मोहम्मद महताब आलम रिजवी द्वारा जारी इस आदेश में छात्रों के मांगपत्र की कई शर्तों को माना गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मियों के आचरण और उनके व्यवहार की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा।
प्रदर्शनकारी छात्र सार्वजनिक माफी मांगने को तैयार
आदेश के मुताबिक, छात्र और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच एक सहमति बनी है। इसके तहत प्रदर्शनकारी छात्र प्रशासन के खिलाफ आंदोलन के दौरान दिए गए मानहानिकारक बयानों, की गई कार्रवाइयों और सोशल मीडिया पर किए गए आपत्तिजनक पोस्ट के लिए एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने पर राजी हो गए हैं।
NSUI ने मांगी माफी, खत्म हो सकता है प्रदर्शन
इस बीच, जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) इकाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक पोस्ट कर माफी मांगी है। NSUI ने लिखा, “हम जश्न मनाने के लिए माफी मांगते हैं, क्योंकि प्रशासन की चालों के बीच ऐसा करना गलत था। हम अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे और जब तक हमारी तीनों मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक हम यहां से नहीं हटेंगे।”
हालांकि, अब जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र संघ चुनाव की मुख्य मांग को आधिकारिक रूप से मंजूरी दे दी है, तो उम्मीद जताई जा रही है कि परिसर में चल रहा यह विरोध प्रदर्शन जल्द ही समाप्त हो जाएगा।
