कर्ज और फसल बर्बादी से तंग आकर किसान ने दी जान, बबूल के पेड़ से लटका मिला शव

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उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शहर कोतवाली क्षेत्र के बिलबई गांव में कर्ज के बोझ और अतिवृष्टि से बर्बाद हुई फसल के सदमे से हताश एक 45 वर्षीय किसान ने आत्महत्या कर ली। किसान का शव खेत में बबूल के पेड़ से लटकता हुआ मिला। इस दर्दनाक घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

तिल और मूंगफली की फसल हुई थी बर्बाद

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक किसान कमलेश रैकवार ने करीब 15 बीघा जमीन पर खेती कर रखी थी। इस बार मौसम की बेरुखी और अतिवृष्टि (भारी बारिश) के चलते उनकी तिल और मूंगफली की पूरी फसल बर्बाद हो गई थी।

फसल खराब होने की वजह से जहां एक तरफ परिवार के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया था, वहीं दूसरी तरफ गांव के लोगों से लिया गया लगभग दो से तीन लाख रुपये का कर्ज भी लगातार सिर पर मंडरा रहा था। आर्थिक तंगी और गहरे तनाव के चलते किसान ने यह खौफनाक कदम उठा लिया।

भाई के साथ सोने गया था खेत

परिजनों ने बताया कि मंगलवार की रात कमलेश अपने बड़े भाई मनोज के साथ खेत की झोपड़ी में सोने गए थे। बुधवार की सुबह जब बड़ा भाई खेत पर पहुंचा, तो उसने कमलेश को पेड़ से लटका देखा, जिसके बाद उसके होश उड़ गए।

घटना की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शहर कोतवाली प्रभारी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।