September 15, 2026

7 हाई-डेंसिटी रेलवे कॉरिडोर पर बिछेंगी चौगुनी लाइनें, 4 महानगरों के बीच बनेगा आधुनिक नेटवर्क

pm-modi-2

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में देश के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को रफ्तार देने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। सरकार का मुख्य फोकस देश के चार प्रमुख महानगरों—दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई—के बीच सड़क और रेल कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाना है। इसके लिए इन प्रमुख मार्गों को फोर-लेन (चार-लेन) में तब्दील करने पर मुहर लगी है। कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को इन निर्णयों की विस्तृत जानकारी दी।

7 हाई-डेंसिटी रेलवे कॉरिडोर का होगा कायाकल्प

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले 12 सालों से भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण का काम निरंतर जारी है। भविष्य की यातायात जरूरतों और भारी ट्रैफिक के दबाव को संभालने के लिए कैबिनेट ने सात प्रमुख हाई-डेंसिटी रेलवे कॉरिडोर पर चार-लेन और चौगुनी लाइनें (Quadruple lines) बिछाने की मंजूरी दी है। सरकार का लक्ष्य रेलवे को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से अधिक सक्षम बनाना है।

चार महानगरों के बीच सफर और माल ढुलाई होगी तेज

देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाले कॉरिडोर को आधुनिक बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। कैबिनेट के फैसलों के तहत निम्नलिखित रूट्स को अपग्रेड किया जाएगा:

  • कोलकाता-दिल्ली कॉरिडोर: इस रूट को फोर-लेन बनाने की मंजूरी मिल गई है। इससे उत्तर भारत और पूर्वी भारत के बीच आवागमन और माल ढुलाई काफी तेज हो जाएगी।

  • चेन्नई-कोलकाता मार्ग: पूर्वी और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए इस रूट को फोर-लेन में बदला जाएगा।

  • दिल्ली-मुंबई मार्ग: देश की राजनीतिक और आर्थिक राजधानी के बीच यात्रा को और निर्बाध बनाने के लिए इस रूट पर काम होगा।

  • मुंबई-चेन्नई मार्ग: पश्चिम और दक्षिण भारत के दो बड़े औद्योगिक केंद्रों के बीच रफ्तार बढ़ाने के लिए इसे फोर-लेन किया जाएगा।

व्यापार और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मिलेगी मजबूती

अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, इन ढांचागत बदलावों से न केवल आम यात्रियों के सफर का समय बचेगा, बल्कि राज्यों के बीच व्यापार को भी भारी गति मिलेगी। चारों महानगरों के आपस में आधुनिक फोर-लेन सड़कों और चौगुनी रेल लाइनों से जुड़ने से लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को जबरदस्त मजबूती मिलेगी, जिससे देश की आर्थिक रफ्तार को सीधा फायदा पहुंचेगा।