September 15, 2026

TMC के 17 बागी सांसदों को BJP ने किया इनकार, शमिक भट्टाचार्य बोले- झंडा बदलने से दाग नहीं धुलेंगे

mamta didi

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बगावत कर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) बनाने वाले सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की अटकलों पर विराम लग गया है। कूचबिहार से सांसद जगदीश चंद्र बसुनिया ने दावा किया था कि दुर्गा पूजा के आसपास 17 बागी सांसद एक साथ भाजपा का दामन थामेंगे। प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए बागी नेताओं के लिए पार्टी के दरवाजे बंद होने का स्पष्ट संदेश दे दिया है।

झंडा बदलने से नहीं धुलेंगे दाग: शमिक भट्टाचार्य

पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने साफ किया है कि टीएमसी या एनसीपीआई से किसी भी सांसद को पार्टी में शामिल कराने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने बागी नेताओं पर कड़े शब्दों में कहा कि कोई केवल भाजपा में आना चाहता है, इसलिए उसे पार्टी में जगह नहीं दी जा सकती। भट्टाचार्य ने कहा कि जनता तृणमूल शासन के दौरान इन नेताओं द्वारा किए गए अत्याचारों को भूली नहीं है और केवल पार्टी का झंडा बदल लेने से उनके दाग धुल नहीं जाएंगे।

तीन सांसदों ने पहले ही कर दिया था इनकार

भाजपा के इस रुख से पहले बागी गुट के तीन मुस्लिम सांसदों ने अपनी स्थिति साफ कर दी थी। यूसुफ पठान, अबू ताहेर खान और खलीलुर रहमान ने भाजपा में शामिल होने की संभावनाओं से साफ इनकार कर दिया था। सांसद अबू ताहेर ने बयान दिया था कि वे किसी भी सूरत में भाजपा में नहीं जाएंगे। दलबदल कानून से बचने के लिए 17 सांसदों के एक साथ दल-बदल की तैयारी की चर्चा थी, जिस पर भाजपा के ताजा इनकार ने पूरी तरह पानी फेर दिया है।

कोर वोटबैंक और कार्यकर्ताओं की नाराजगी का डर

राजनीतिक जानकारों के अनुसार भाजपा बंगाल में अपने दम पर लड़कर मुख्य विपक्षी दल की भूमिका तक पहुंची है। पार्टी को इस बात की आशंका है कि जिन टीएमसी नेताओं के खिलाफ आम कार्यकर्ता सालों तक सड़कों पर संघर्ष करते रहे, उन्हें पार्टी में शामिल करने से जमीनी स्तर पर भारी नाराजगी फैल सकती है। कोर वोटबैंक और कार्यकर्ताओं के इसी असंतोष से बचने के लिए पार्टी नेतृत्व ने इन बागी सांसदों से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है।

लिस्ट में टीएमसी के कई बड़े नाम शामिल

टीएमसी से अलग होकर एनसीपीआई में गए कुल 20 में से 17 सांसदों के नाम इस दल-बदल की चर्चा में सामने आए थे। ये वे सांसद हैं जिन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 में टीएमसी के टिकट पर जीत दर्ज की थी। जगदीश बसुनिया के दावों के आधार पर जिन नामों की अटकलें लगाई जा रही थीं, उनमें बारासात सांसद काकोली घोष दस्तीदार, बीरभूम सांसद शताब्दी रॉय, बांकुड़ा सांसद अरूप चक्रवर्ती, आरामबाग से मिताली बाग, झाड़ग्राम से कालीपद सोरेन और सुदीप बंद्योपाध्याय शामिल हैं।