सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD का एक्शन: 27 जर्जर इमारतें होंगी जमींदोज, 7 सील
दिल्ली के सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद रेखा गुप्ता सरकार और नगर निगम (MCD) ताबड़तोड़ एक्शन मोड में आ गए हैं। अवैध निर्माण और खतरनाक हो चुकी पुरानी इमारतों के खिलाफ अभियान तेज करते हुए एमसीडी ने राजधानी की करीब 27 जर्जर इमारतों को ध्वस्त करने का काम शुरू कर दिया है। सख्त कार्रवाई के तहत अब तक 7 इमारतों को सील किया गया है, जबकि 37 अन्य इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं।
कई इलाकों में चल रही बुलडोजर की कार्रवाई
खतरनाक इमारतों को गिराने का यह अभियान केवल सत्य निकेतन तक सीमित नहीं है। एमसीडी की टीमें पांडव नगर, लक्ष्मी नगर, नेहरू विहार और उत्तम नगर जैसे विभिन्न इलाकों में भी पुरानी और असुरक्षित बिल्डिंग्स को ढहाने में जुटी हुई हैं। प्रशासन का मुख्य फोकस ऐसी इमारतों को जल्द से जल्द हटाना है, जिनसे भविष्य में किसी बड़े हादसे का खतरा हो सकता है।
विशेषज्ञों की देखरेख में गिराई जा रही बगल की इमारत
सत्य निकेतन में जिस जगह इमारत धराशायी हुई थी, उसके ठीक साथ वाली बिल्डिंग को भी एमसीडी ने असुरक्षित घोषित कर दिया है। इस पर तुरंत एक्शन लेते हुए इसे गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए इस बिल्डिंग को विशेषज्ञों की देखरेख में चरणबद्ध (फेज-5) तरीके से गिराया जा रहा है। एहतियात के तौर पर शुरुआत में सीधे बुलडोजर चलाने के बजाय हथौड़े के जरिए खिड़कियां और दरवाजे तोड़े जा रहे हैं।
हादसे में गई थी 7 लोगों की जान, पीजी संचालक गिरफ्तार
सत्य निकेतन की जिस इमारत के गिरने से यह पूरा एक्शन शुरू हुआ है, उस हादसे में 7 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। मरने वालों में 5 छात्र और 2 मजदूर शामिल थे। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पीजी (PG) का संचालन करने वाले सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे को लेकर पुलिस अब तक कुल 5 आरोपियों को पकड़ चुकी है।
