4 राज्यों के विधान परिषद चुनावों ने बढ़ाई BJP-कांग्रेस की धड़कनें, जानिए इन नतीजों के सियासी मायने

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देश के चार बड़े राज्यों—उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक—की 28 विधान परिषद (MLC) सीटों पर हुए चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। भले ही कुल सीटों के गणित में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सबसे आगे नजर आ रही हो, लेकिन इन चुनावों के परिणाम दोनों प्रमुख राष्ट्रीय दलों—बीजेपी और कांग्रेस—के लिए गंभीर आत्ममंथन का विषय बन गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के गढ़ नागपुर में बीजेपी को मिली हार ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

जयराम रमेश और संजय राउत का तीखा हमला

चुनाव परिणाम सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने आक्रामक रुख अपना लिया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा, “प्रवचनमंत्री जी को आत्मविश्लेषण की जरूरत है, लेकिन वे दूसरों को प्रवचन दे रहे हैं! कांग्रेस की सीटें गिनने से पहले काश यह भी विचार कर लेते कि उनके अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी की दोनों सीटों पर भाजपा क्यों हारी और RSS के गढ़ नागपुर में कांग्रेस ने भाजपा को कैसे हराया?” उन्होंने महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भी केंद्र सरकार को घेरा।

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने भी बैलेट पेपर पर हुए इन चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि महाराष्ट्र और वाराणसी में बीजेपी का हारना यह बताता है कि जनता का रुख क्या है।

उत्तर प्रदेश: सपा ने दी कड़ी टक्कर

यूपी की 11 सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की, वहीं समाजवादी पार्टी (SP) ने भी 5 सीटों पर कब्जा जमाकर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।

  • बीजेपी के खाते में: लखनऊ शिक्षक, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक, मेरठ स्नातक, आगरा स्नातक, गोरखपुर शिक्षक और मेरठ शिक्षक सीटें गईं।

  • सपा के खाते में: इलाहाबाद-झांसी स्नातक, वाराणसी स्नातक, लखनऊ स्नातक, आगरा शिक्षक और वाराणसी शिक्षक सीटें आईं। वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गढ़ में बीजेपी की हार और सपा का शानदार प्रदर्शन आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरणों के लिहाज से बहुत अहम माना जा रहा है।

बिहार: जेडीयू को झटका, आरजेडी और ‘जन सुराज’ की एंट्री

बिहार की 8 सीटों पर हुए चुनाव में एनडीए के भीतर समीकरण थोड़े असहज दिखे।

  • बीजेपी ने 4 में से 3 सीटों (कोसी स्नातक, तिरहुत शिक्षक और दरभंगा स्नातक) पर जीत दर्ज की, लेकिन उसकी सहयोगी पार्टी जेडीयू को बड़ा झटका लगा।

  • जेडीयू 4 सीटों पर चुनाव लड़ी और 3 पर उसे हार का सामना करना पड़ा, हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेता नीरज कुमार ने पटना स्नातक सीट पर जीत हासिल की।

  • आरजेडी के खाते में पटना शिक्षक सीट आई, जबकि प्रशांत किशोर की पार्टी ‘जन सुराज’ ने दरभंगा शिक्षक निर्वाचन सीट जीतकर एक नया राजनीतिक संदेश दिया है। शेष दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।

महाराष्ट्र: महायुति को झटका, MVA ने मारी बाजी

महाराष्ट्र की 5 सीटों के नतीजों ने सत्ताधारी ‘महायुति’ गठबंधन की नींद उड़ा दी है।

  • सत्तारूढ़ गठबंधन को केवल दो सीटें मिलीं, जिनमें बीजेपी और शिवसेना के खाते में एक-एक सीट आई।

  • एनसीपी (अजित पवार) के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे ने हार स्वीकार करते हुए आत्ममंथन की बात कही है। पार्टी के दिग्गज नेता सतीश चव्हाण की हार ने सबको चौंकाया है।

  • इसके विपरीत, शरद पवार की पार्टी (NCP-SP) ने पुणे स्नातक और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीटों पर कब्जा जमाया।

  • नागपुर स्नातक सीट पर कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने जीत दर्ज कर आरएसएस और बीजेपी के गढ़ में सेंध लगाई।

कर्नाटक: कांग्रेस को अपने ही गढ़ में झटका

दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस के लिए नतीजे निराशाजनक रहे। कांग्रेस को यहां एक सीट गंवानी पड़ी। बीजेपी ने चार में से तीन सीटों (उत्तर-पूर्व शिक्षक, दक्षिण-पूर्व स्नातक और पश्चिम स्नातक) पर जीत हासिल की, जबकि उसकी सहयोगी जेडीएस ने बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जीत दर्ज कर कांग्रेस उम्मीदवार को हराया। यह हार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के गृह क्षेत्र में होने के कारण पार्टी के लिए और अधिक चिंताजनक है।