नीले ड्रम हत्याकांड में मुस्कान और साहिल दोषी करार, 15 दिन बाद होगी सजा
मेरठ के बहुचर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में जिला न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने अपना अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने मुख्य आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को सौरभ की हत्या और शव छिपाने का दोषी ठहराया है। कोर्ट की तरफ से अब 15 दिन बाद दोनों दोषियों की सजा का ऐलान किया जाएगा।
फैसले से पहले खामोश हुए दोनों दोषी, पूजा-पाठ में बीता समय
अदालत के इस बड़े फैसले से ठीक पहले जेल में बंद दोनों दोषियों के व्यवहार में काफी बदलाव दर्ज किया गया। एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि साहिल पिछले करीब चार दिन से पूरी तरह खामोश और गुमसुम है। वह जेल में किसी से ज्यादा बातचीत नहीं कर रहा। अधिकारी के मुताबिक, पिछले तीन दिनों से मुस्कान और साहिल दोनों अपना ज्यादातर समय सिर्फ पूजा-पाठ करने में बिता रहे थे।
नशा दिया, टुकड़े किए और ड्रम में भर दिया सीमेंट
यह खौफनाक वारदात 3 मार्च 2025 की रात मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में हुई थी। पुलिस जांच के मुताबिक, मुस्कान ने पहले अपने पति सौरभ को नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया। इसके बाद उसने प्रेमी साहिल की मदद से सौरभ पर चाकू से कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोप है कि हत्या को अंजाम देने के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें एक नीले रंग के ड्रम में डालकर ऊपर से सीमेंट से पूरी तरह सील कर दिया गया।
कत्ल के बाद कसौल में मनाई होली, अदालत में वकीलों ने पीटा था
पुलिस के अनुसार, हत्या जैसी जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी घूमने के लिए हिमाचल प्रदेश के कसौल चले गए। वहां उन्होंने बेखौफ होकर होली का जश्न भी मनाया। मेरठ पुलिस ने दोनों को 18-19 मार्च 2025 को गिरफ्तार कर लिया। इस जघन्य हत्याकांड को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश था। 19 मार्च को जब दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया जा रहा था, तब गुस्साए वकीलों ने भीड़ के बीच साहिल की पिटाई कर दी थी।
जेल में जन्मी बेटी, सौरभ के परिवार ने रखी DNA टेस्ट की शर्त
गिरफ्तारी के बाद जब मुस्कान को मेरठ की चौधरी चरण सिंह जेल लाया गया, तो शुरुआत में उसका प्रेग्नेंसी टेस्ट नेगेटिव आया था। बाद में अचानक तबीयत बिगड़ने पर पता चला कि वह गर्भवती है। नौ महीने बाद मुस्कान ने जेल में ही एक बेटी को जन्म दिया, जिसका नाम राधा रखा गया। मुस्कान की पहले से भी एक बेटी है, जो फिलहाल सौरभ के माता-पिता के साथ ही रहती है।
जेल में बच्चे के जन्म के बाद उसकी पितृत्व (paternity) को लेकर कई सवाल उठे। इस प्रेगनेंसी पर सौरभ के परिवार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। सौरभ के बड़े भाई राहुल राजपूत का कहना है कि वे मुस्कान के बच्चे को तभी अपनाएंगे, जब यह साबित हो जाएगा कि वह उनके परिवार का ही खून है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर DNA टेस्ट में यह प्रमाणित होता है कि राधा सौरभ की ही बेटी है, तो वे पूरी जिम्मेदारी के साथ उसे स्वीकार करेंगे।
