एनकाउंटर में सेना ने जिस खूंखार ‘मूसा’ को किया ढेर, वह था पाकिस्तानी SSG का कमांडो
मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के ऊंचाई वाले वन क्षेत्र में भारतीय सुरक्षाबलों ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के मुख्य अभियान कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को ढेर कर दिया है। मंगलवार देर रात कोराग और यूसमर्ग के जंगली इलाकों में सेना और अन्य सुरक्षाबलों के संयुक्त अभियान में यह खूंखार आतंकी मारा गया।
अधिकारियों ने बुधवार को बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि आसिफ कोई साधारण आतंकी नहीं, बल्कि पाकिस्तानी सेना के ‘विशेष सेवा समूह’ (SSG) का सेवानिवृत्त हवलदार था। वह पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की सुरक्षा टीम का हिस्सा भी रह चुका था।
23 साल की पाकिस्तानी सेना में नौकरी, अमेरिका से ली थी स्पेशल ट्रेनिंग
आसिफ घाटी में ‘फौजी’ और ‘सुलेमान शाह’ जैसे उपनामों से भी जाना जाता था। उसने 2021 में जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की थी। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना में अपने 23 साल के कार्यकाल के दौरान आसिफ ने 18 साल खूंखार SSG कमांडो के रूप में बिताए।
वर्ष 2006 से 2008 के बीच उसे पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की सुरक्षा टीम (VVIP Security) में तैनात किया गया था। इस दौरान उसने अमेरिका में विशेष वीवीआईपी सुरक्षा प्रशिक्षण प्राप्त किया और अमेरिकी विशेष बलों (US Special Forces) के साथ मेडिकल कोर्स भी पूरे किए थे। सेना से रिटायर होने के बाद, आतंकी नेटवर्क ने पहले उसे नए आतंकियों को ट्रेनिंग देने के लिए चुना और फिर लश्कर के अभियानों की कमान सौंपकर जम्मू-कश्मीर भेज दिया।
पहलगाम सहित कई बड़े हमलों का था मास्टरमाइंड
यह पाकिस्तानी आतंकवादी पिछले तीन वर्षों में कई बड़े हमलों में शामिल रहा, जिनमें विशेष रूप से सैन्यकर्मियों और नागरिकों को घात लगाकर निशाना बनाया गया। 2023 की शुरुआत में पीर पंजाल क्षेत्र से हमलों का सिलसिला शुरू करने वाले आसिफ ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की साजिश रचने में अहम भूमिका निभाई थी, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, वह सुरक्षाबलों और नागरिकों पर हुए 12 से अधिक बड़े हमलों में शामिल था।
घाटी में आतंकी ढांचे को बड़ा झटका
अधिकारियों ने बताया कि सितंबर के महीने में बडगाम, उधमपुर और डोडा जिलों में चलाए गए अलग-अलग ऑपरेशन्स में मारे गए पाकिस्तानी आतंकवादियों में आसिफ पांचवां आतंकी था। उसकी मौत घाटी में लश्कर के आतंकी ढांचे के लिए एक बहुत बड़ा झटका है।
गौरतलब है कि 5 सितंबर को यूसमर्ग के जंगलों में हुए एनकाउंटर में उसका करीबी सहयोगी यासिर मारा गया था, लेकिन आसिफ भाग निकलने में कामयाब रहा था। इसी महीने 17 सितंबर को उधमपुर में जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी सद्दाम और मुस्तफा भी ढेर किए गए थे।
कैसे हुआ एनकाउंटर?
मंगलवार के अभियान के बारे में सेना की चिनार कोर (Chinar Corps) ने बताया कि इलाके में गश्त कर रहे सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधियां देखीं। जब आतंकियों को चुनौती दी गई, तो उन्होंने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद भीषण मुठभेड़ हुई।
चिनार कोर ने ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट कर बताया, “जारी अभियान के तहत, तड़के पालमेदान के सामान्य क्षेत्र में तलाशी के दौरान पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा का शव बरामद किया गया है। इलाके में सेना का अभियान अभी भी जारी है।”
