MVA की जीत के बाद NCP (SP) का EVM पर हमला, बैलेट से चुनाव की मांग

sharad pawar

महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों में महाविकास अघाड़ी (MVA) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन सीटों पर कब्जा जमाया है। इन नतीजों के बाद शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं ने वाराणसी और महाराष्ट्र में बैलेट पेपर से आए चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए आगामी सभी चुनाव बैलेट पेपर से ही कराने की मांग की है।

एमवीए का 60% सीटों पर कब्जा

महाराष्ट्र विधान परिषद की जिन पांच स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों पर चुनाव हुए, उनमें से तीन पर एमवीए ने जीत दर्ज की है। गठबंधन के तहत एनसीपी (SP) को दो और कांग्रेस को एक सीट मिली है।

एनसीपी (SP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पांच में से तीन सीटें जीतने का मतलब है कि 60 प्रतिशत नतीजे INDIA ब्लॉक के पक्ष में रहे हैं। उन्होंने इसे कांग्रेस और उसके सहयोगियों की बड़ी रणनीतिक सफलता बताया।

‘बैलेट से चुनाव हुए तो खुल गई कलई’

चुनाव परिणामों के बाद नसीम सिद्दीकी ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के वाराणसी और गोरखपुर विधान परिषद चुनाव (जहां बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ) के नतीजों का जिक्र करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा।

सिद्दीकी ने दावा किया, “बैलेट पेपर में पीएम मोदी की कलई खुल गई है। स्वयं वाराणसी में बैलेट से चुनाव हुआ तो वो चुनाव हार गए। गोरखपुर की सीट, जहां से योगी आदित्यनाथ सांसद हुआ करते थे, वहां समाजवादी पार्टी जीत गई। इससे साबित होता है कि कहीं न कहीं ईवीएम में घोटाला था।” उन्होंने कहा कि अगर ईवीएम से मतदान हुआ होता तो बीजेपी वाराणसी की सीट कभी नहीं हारती।

आगामी सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग

एनसीपी (SP) नेता रोहिणी खडसे ने एमवीए उम्मीदवारों की जीत पर खुशी जताते हुए चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी बात रखी। खडसे ने कहा कि बैलेट पेपर और ईवीएम से होने वाले मतदान के नतीजों का अंतर स्पष्ट देखा जा सकता है।

खडसे ने कहा, “आज हम देख सकते हैं कि जब बैलेट पेपर से मतदान होता है, तो परिणाम क्या आते हैं और अगर चुनाव ईवीएम से होता है तो 2024 के विधानसभा चुनाव जैसे रिजल्ट आते हैं। राहुल गांधी और सभी विपक्षी नेता बैलेट पेपर से चुनाव की बात कर रहे हैं। इन नतीजों के बाद हम भी यही चाहते हैं कि शंकाओं को दूर करने के लिए अगले सारे चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं।”

1 नवंबर की रैली को बताया ‘महा सैलाब’

दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस की प्रस्तावित रैली को लेकर भी नसीम सिद्दीकी ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि यह महारैली नहीं, बल्कि एक ‘महा सैलाब’ होगा जिसमें देश का युवा (Gen-Z) सड़कों पर उतरेगा। उनके मुताबिक, यह एक ऐसा ऐतिहासिक आंदोलन होगा जैसा पहले कभी नहीं हुआ, जिससे देश की सड़कें जाम हो जाएंगी।