हरिद्वार में मिला निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली का शव, तीन महीने से बदले नाम से जी रहा था जिंदगी
Surendra Koli Haridwar Death: उत्तराखंड के हरिद्वार से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां भूपतवाला इलाके में एक शख्स का शव मिला, और जांच में पता चला कि यह शख्स कोई और नहीं बल्कि बहुचर्चित निठारी कांड से जुड़ा सुरेंद्र कोली था, जो पिछले करीब तीन महीने से “सदाराम” के फर्जी नाम से यहां रह रहा था।
कैसे सामने आया मामला?
जानकारी के मुताबिक, सुरेंद्र कोली पिछले तीन महीने से हरिद्वार के सिडकुल इलाके में एक सिक्योरिटी कंपनी में नौकरी कर रहा था। इसी बीच उसने तीन दिन पहले भूपतवाला में एक चाय की दुकान भी शुरू कर दी थी। शुक्रवार सुबह जब दुकान नहीं खुली और शटर ढीला दिखा, तो दुकान मालिक धर्मेंद्र कौशिक ने खुद शटर उठाकर देखा। अंदर का नजारा देखकर वे सन्न रह गए। इसके बाद फौरन पुलिस को सूचना दी गई।
दुकान मालिक को नहीं थी असली पहचान की जानकारी
धर्मेंद्र कौशिक ने पुलिस को बताया कि उन्हें यह बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि जिसे वे सदाराम के नाम से जानते थे, वह असल में निठारी कांड का आरोपी सुरेंद्र कोली है। धर्मेंद्र के मुताबिक, सुरेंद्र एक दोस्त के जरिए उनके संपर्क में आया था और उसने काम की जरूरत बताई थी। साथ ही उसने यह भी कहा था कि वह शुगर का मरीज है। इन्हीं बातों पर भरोसा करके धर्मेंद्र ने उसे दुकान किराए पर दे दी थी।
धर्मेंद्र ने यह भी बताया कि एक दिन पहले शाम को सुरेंद्र काफी परेशान नजर आ रहा था। उस दिन उसके परिवार में किसी बच्चे का जन्मदिन था और उसके पास पैसों की कमी थी, जिसे सुनकर धर्मेंद्र ने उसे 2000 रुपये भी दिए थे। हालांकि इसके अगले ही दिन यह घटना सामने आई, जिसकी असल वजह अभी साफ नहीं हो पाई है।
आधार कार्ड से हुई असली पहचान
घटनास्थल पर मृतक के पास कोई पहचान पत्र नहीं मिला। बाद में सामान की तलाशी लेने पर पुलिस को एक आधार कार्ड मिला, जिसकी मदद से उसकी पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में हुई।
पुलिस ने क्या बताया?
कोतवाली थाने के SHO कुंदन सिंह राणा के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे पुलिस को घटना की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने पहचान की पुष्टि की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, इसलिए असली वजह जानने के लिए परिवार वालों से पूछताछ जरूरी होगी।
पहले रोशनाबाद में रहता था सुरेंद्र
धर्मेंद्र कौशिक के मुताबिक, सुरेंद्र इससे पहले रोशनाबाद इलाके में रहता था, जहां स्थानीय लोग भी उसे सताराम के नाम से ही जानते थे। पुलिस ने परिवार वालों को घटना की जानकारी दे दी है और मामले की आगे जांच जारी है।
