गोंडा में शव रखकर सड़क जाम मामले में सपा नेत्री काजल निषाद पर केस दर्ज, जानिए पूरा विवाद
Gonda News: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से जुड़े एक बड़े मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया है। मामला थाना क्षेत्र के शाहपुर भग्गन चौराहे का है, जहां 11 सितंबर को बर्तन कारोबारी विनोद साहनी का शव सड़क पर रखकर रास्ता जाम कर दिया गया था और प्रदर्शन किया गया था। अब पुलिस ने इस मामले में समाजवादी पार्टी की नेत्री काजल निषाद, राजा निषाद समेत करीब 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह केस थाने में तैनात आरक्षी आकाश दीप की तहरीर के आधार पर दर्ज किया गया है।
कैसे हुआ पूरा विवाद?
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, विनोद साहनी की मौत के बाद 11 सितंबर की सुबह उनके अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। इसी बीच सपा नेत्री काजल निषाद, राजा निषाद और उनके साथ मौजूद अन्य लोग मृतक के घर जा पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने परिजनों को बहला-फुसलाकर शव को घर से उठवा लिया और करीब दोपहर 12 बजे उसे शाहपुर चौराहे पर रखवा दिया। इसकी वजह से चचरी-भौरिगंज मार्ग पूरी तरह जाम हो गया, जिससे आम लोगों के साथ-साथ वाहनों की आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित हुई।
एंबुलेंस तक फंसी, सरकारी कामकाज भी हुआ प्रभावित
तहरीर में यह भी दर्ज किया गया है कि रास्ता जाम होने की वजह से एंबुलेंस को भी आने-जाने में भारी दिक्कत हुई, साथ ही इसका असर सरकारी कामकाज पर भी पड़ा। पुलिस टीम ने मौके पर मौजूद रहकर फोटो और वीडियो जुटाए, और उन्हीं के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई है।
हत्या के बाद गरमाई थी सूबे की सियासत
गौरतलब है कि विनोद साहनी की हत्या के बाद प्रदेश की राजनीति में काफी हलचल मच गई थी। प्रदेश के मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद ने लखनऊ के केजीएमसी में इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर घंटों धरना दिया था। इसके अगले ही दिन वे खुद गोंडा पहुंच गए, जहां उन्होंने सर्किट हाउस से लेकर कलेक्ट्रेट तक पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की। यहां तक कि उन्होंने डीएम और एसपी का स्वागत गुलदस्ता लेने से पहले ही उन्हें खरी-खोटी सुना दी।
मंत्री ने क्या कहा?
डॉ. संजय निषाद ने साफ शब्दों में कहा कि अधिकारियों को सरकार की छवि खराब नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने आने वाले निषाद पार्टी के कार्यकर्ता कोई गुंडे-बदमाश या अपराधी नहीं हैं, बल्कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और ज्ञापन सौंपने आते हैं। मंत्री ने प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव नजदीक है और ऐसे में विपक्ष को कोई मौका नहीं देना चाहिए। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि निषाद समाज पूरी तरह सरकार के साथ खड़ा है।
कलेक्ट्रेट पर धरना, बुलडोजर एक्शन की मांग
इसके बाद मंत्री ने निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ सर्किट हाउस से कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला और कलेक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोपियों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग उठाई। आखिरकार डीएम प्रियंका निरंजन खुद मंत्री के साथ जमीन पर बैठीं और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद के साथ-साथ शस्त्र लाइसेंस देने का भरोसा दिलाया। इसके बाद मंत्री ने धरना समाप्त करने का ऐलान किया।
