बाराबंकी: सेक्स रैकेट की मुखिया निकली HIV पॉजिटिव, जेल में मचा हड़कंप, संपर्क में आए लोगों की तलाश शुरू
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। कुछ समय पहले नगर कोतवाली क्षेत्र के पैसार इलाके में स्थित सिद्धार्थनगर मोहल्ले के एक चार मंजिला मकान पर पुलिस ने छापेमारी करके कथित सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया था। इस कार्रवाई में तीन महिलाओं और एक युवक को हिरासत में लिया गया था। अब जिला जेल में बंद इन तीनों महिलाओं की एचआईवी जांच कराई गई, जिसमें एक बड़ा खुलासा हुआ – रैकेट की मुखिया महिला एचआईवी पॉजिटिव पाई गई है। इस खबर के सामने आते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और अब उसके संपर्क में आए लोगों को खोजा जा रहा है। फिलहाल संक्रमित महिला को लखनऊ मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर से जोड़कर उसका इलाज शुरू करवा दिया गया है।
कैसे हुई जांच?
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजीव टंडन ने जिला जेल प्रशासन को पत्र लिखकर बंदियों की एचआईवी, टीबी, सिफलिस और हेपेटाइटिस बी-सी जांच कराने में सहयोग मांगा था। जेल प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद फतेहपुर की आईसीटीसी टीम – जिसमें अजय कुमार शुक्ला, कुलदीप वर्मा, दीपक, शुभम दीक्षित, इरफान और अतुल प्रकाश सिंह शामिल थे – ने 24 से 27 अगस्त तक जेल में कैंप लगाकर सभी बंदियों की जांच की। इस जांच में चार लोग टीबी पॉजिटिव पाए गए, जबकि सेक्स रैकेट चलाने वाली मुखिया महिला एचआईवी संक्रमित निकली।
मरीजों का इलाज शुरू
टीबी से पीड़ित मरीजों को निष्क्षय पोर्टल से जोड़कर उनका इलाज टीबी अस्पताल में शुरू करवा दिया गया है, वहीं एचआईवी संक्रमित महिला को लखनऊ मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर से लिंक कर उसका उपचार शुरू कर दिया गया है।
महिला के संपर्क में आए लोगों की तलाश जारी
यह जानकारी सामने आने के बाद से पूरे शहर में हलचल मच गई है, क्योंकि यह महिला बीते कई सालों से शहर में कथित तौर पर सेक्स रैकेट चला रही थी। सूत्रों के मुताबिक फिलहाल महिला की काउंसलिंग की जा रही है, और साथ ही उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान गोपनीय रखते हुए उनकी भी जांच कराने के लिए जानकारी जुटाई जा रही है। इस खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग से लेकर उस इलाके में आने-जाने वाले लोगों में भी बेचैनी देखी जा रही है।
2019 में भी मिल चुके हैं 26 HIV मरीज
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब जिला जेल में इस तरह का मामला सामने आया हो। साल 2019 में भी जेल में लगाए गए एक जांच शिविर के दौरान एक साथ 26 कैदियों की एचआईवी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उस समय भी यह खबर काफी सुर्खियों में रही थी, जिसके बाद पूरे प्रदेश में हलचल मच गई थी और सभी जेलों में नियमित रूप से टीबी व एचआईवी जांच शिविर लगाने के निर्देश जारी किए गए थे।
अधिकारी ने दी पूरी जानकारी
बाराबंकी के जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजीव टंडन ने बताया कि अगस्त महीने में जेल में लगाए गए शिविर के दौरान चार टीबी मरीज मिले थे, और एचआईवी संक्रमित पाई गई महिला को लखनऊ मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर से जोड़कर उसका इलाज शुरू करा दिया गया है।
