कनॉट प्लेस में पत्थरबाजी, किसान नेताओं को भी पकड़ा; 2 पुलिसकर्मी घायल
cjp protest
राजधानी दिल्ली के व्यस्ततम इलाकों में शुमार कनॉट प्लेस पर शनिवार को उस वक्त अफरा तफरी की स्थिति बन गई। जब PTI भवन के नजदीक इकटठा हुए तकरीबन 50 प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर पत्थर चलाना शुरू कर दिया। अचानक हमले में दो पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आईं। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने तत्काल सख्ती दिखाई और मौजूद सभी प्रदर्शनकारियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया।
कैसे बिगड़े हालात?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, PTI भवन के समीप लगभग पचास लोगों की भीड़ जुटी हुई थी। शुरुआत में माहौल शांत था, मगर देखते ही देखते तनाव चरम पर पहुंच गया। भीड़ में मौजूद लोगों ने अचानक पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हुए पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। बेहद कम समय में पूरे इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
दो जवानों को आई चोटें
पत्थरबाजी की इस वारदात में दो पुलिस जवान घायल हो गए। इसके फौरन बाद प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया। प्राथमिक सूचनाओं के मुताबिक भीड़ में करीब 50 लोग शामिल थे। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये प्रदर्शनकारी आखिर किस मुद्दे को लेकर वहां एकत्र हुए थे और पथराव की असली वजह क्या रही। तफ्तीश जारी है।
राकेश टिकैत खेमे के किसान नेता भी पुलिस की पकड़ में
इसी बीच कनॉट प्लेस से एक और बड़ी खबर सामने आई। भारतीय किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत के समर्थक गुट के कई किसान नेताओं को भी हिरासत में ले लिया गया है। खास बात यह रही कि इन नेताओं को विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहनों में रखा गया जिनकी बनावट जेल की कोठरी जैसी है। मतलब, एक बार अंदर जाने के बाद बाहर निकलना नामुमकिन। चश्मदीदों के अनुसार कई प्रदर्शनकारियों को जबरन खींचकर इन गाड़ियों में ठूंसा गया।
कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क तक पहुंचने वाले नौजवान प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए अर्धसैनिक बलों की भी मदद ली गई। कई युवा सुरक्षाकर्मियों से भिड़ते और जूझते नजर आए। फिलहाल हिरासत में लिए गए तमाम किसान नेताओं और युवाओं को कनॉट प्लेस इलाके से बाहर ले जाया जा रहा है।
