1 नवंबर से बदल रहे बैंकिंग, टेलीकॉम और GST के नियम, आप पर क्या होगा असर?
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नवंबर 2026 की शुरुआत के साथ ही देश में आम नागरिकों के दैनिक जीवन से जुड़े कई अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं। आज 1 नवंबर से टेलीकॉम, बैंकिंग, जीएसटी और सोने की हॉलमार्किंग से जुड़े नए और महत्वपूर्ण नियम प्रभावी हो गए हैं। आइए जानते हैं इन बदलावों के बारे में और आप पर इनका क्या असर होगा।
1. टेलीकॉम: अब स्क्रीन पर दिखेगा कॉलर का असली नाम
टेलीकॉम सेक्टर में स्पैम कॉल्स और धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) का नया निर्देश आज से लागू हो गया है। 1 नवंबर 2026 से अब मोबाइल फोन पर कॉल करने वाले व्यक्ति या संस्था का वही असली नाम स्क्रीन पर दिखाई देगा, जो उनके टेलीकॉम डेटाबेस (सिम कार्ड खरीदते समय दिए गए डॉक्यूमेंट) में रजिस्टर्ड है। इससे अनजान नंबरों और फर्जी कॉल्स की पहचान करना आसान हो जाएगा।
2. बैंकिंग: अब बैंक खाते और लॉकर में बना सकेंगे 4 नॉमिनी
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए दिशा-निर्देशों के तहत, आज से बैंक खाताधारकों को अपने खातों और लॉकर में एक से अधिक नॉमिनी जोड़ने की सुविधा मिल गई है। अब ग्राहक अधिकतम चार लोगों तक को अपना नॉमिनी (उत्तराधिकारी) बना सकते हैं। इसमें ग्राहक अपनी मर्जी से सभी नॉमिनी की हिस्सेदारी (Percentage) तय कर सकते हैं या फिर प्राथमिकता के आधार पर एक साथ चार नाम दर्ज करा सकते हैं।
3. GST नियमों में अहम बदलाव
1 नवंबर से गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के नियमों में भी कई महत्वपूर्ण सुधार लागू हो रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए अब अपने गोदाम (Warehouse) के पते पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।
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पोस्ट-सेल डिस्काउंट (Post-sale discount) के नियमों में बदलाव।
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स्क्रैप और ई-वेस्ट (E-Waste) पर टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) के नए प्रावधान लागू।
4. गोल्ड हॉलमार्किंग: 6-अंकों वाले HUID कोड के बिना नहीं बिकेगा सोना
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनिवार्य हॉलमार्किंग नियमों के तहत एक बड़ा बदलाव हुआ है। अब देश के सैकड़ों जिलों में बिना 6-अंकों वाले अल्फान्यूमेरिक HUID (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) कोड वाली सोने की ज्वेलरी बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित हो गया है। ग्राहक खरीदारी करते समय ज्वेलरी पर BIS लोगो, सोने की शुद्धता (जैसे 22K) और 6-अंकों के HUID कोड को ‘BIS Care App’ के जरिए ऑनलाइन स्कैन करके उसकी सत्यता की जांच कर सकते हैं।
