तुर्की के OTS शिखर सम्मेलन में नहीं पहुंचे अज़रबैजान के राष्ट्रपति, क्या हैं तनाव के कारण?

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अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव तुर्की की राजधानी अंकारा में आयोजित ‘ऑर्गेनाइजेशन ऑफ टर्किक स्टेट्स’ (OTS) शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हुए। बुलाए जाने के बावजूद उनकी इस अनुपस्थिति ने दोनों देशों (तुर्की और अज़रबैजान) के बीच बढ़ते कूटनीतिक तनाव की खबरों को हवा दे दी है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, क्षेत्रीय नीतियों को लेकर दोनों सहयोगियों के बीच हालिया दिनों में मतभेद काफी बढ़ गए हैं।

हिजाब पर पाबंदी और इसराइल से दोस्ती बना कारण

हाल ही में अज़रबैजान की राजधानी बाकू में स्कूल यूनिफॉर्म के नए नियमों के तहत हिजाब (हेडस्कार्फ़) पर पाबंदी लगाई गई थी। तुर्की के कुछ अधिकारियों ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की थी, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में खटास आ गई। इसके अलावा, ग़ज़ा युद्ध को लेकर भी दोनों के रुख पूरी तरह अलग हैं। जहां तुर्की इसराइल का कड़ा आलोचक है, वहीं अज़रबैजान के इसराइल के साथ मजबूत कूटनीतिक और रक्षा संबंध हैं।

अर्दोआन ने दिया एकजुटता का संदेश

तुर्की के अधिकारियों ने इस तनाव को कम करके दिखाने की कोशिश की है। शुक्रवार को भाषा, संस्कृति और जड़ों से जुड़े देशों के इस शिखर सम्मेलन की शुरुआत करते हुए तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने एकता का संदेश दिया। अज़रबैजान का नाम लिए बिना अर्दोआन ने कहा, “हमारे परिवार की तस्वीर में अलगाव, बंटवारे या टकराव के लिए कोई जगह नहीं है। हम सब एक हैं, साथ हैं और अल्लाह ने चाहा तो हमेशा भाई रहेंगे।”

विदेश मंत्री ने किया अज़रबैजान का प्रतिनिधित्व

राष्ट्रपति अलीयेव की गैरमौजूदगी में इस शिखर सम्मेलन में विदेश मंत्री जेहुन बायरामोव ने अज़रबैजान का प्रतिनिधित्व किया। अर्दोआन के संबोधन के बाद बोलते हुए बायरामोव ने दोनों देशों के बीच किसी भी तरह के तनाव का कोई जिक्र नहीं किया और शानदार मेहमाननवाजी के लिए मंच से तुर्की का शुक्रिया अदा किया।