यूपी चुनाव 2027 की तैयारी: AIMIM ने किया विधि प्रकोष्ठ का विस्तार, ओवैसी के निर्देश पर 11 पदाधिकारियों की नियुक्ति

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने जमीन पर अपना संगठन मजबूत करना शुरू कर दिया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने मंगलवार को विधि प्रकोष्ठ के 11 नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की घोषणा की है।

शौकत अली ने स्पष्ट किया कि सभी 11 नियुक्तियां पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के सीधे निर्देश पर की गई हैं। ये सभी पदाधिकारी पार्टी के कानूनी कामकाज संभालने के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएंगे।

विधि प्रकोष्ठ के नए पदाधिकारियों की सूची

पार्टी की ओर से जारी सूची के अनुसार इलाहाबाद हाईकोर्ट और लखनऊ खंडपीठ के वकीलों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं:

  • मुफ्ती ओसामा नवदी: प्रदेश अध्यक्ष (इलाहाबाद हाईकोर्ट खंडपीठ लखनऊ)

  • इरफान हफीज: प्रदेश उपाध्यक्ष (इलाहाबाद हाईकोर्ट)

  • साकिब सिद्दीकी: प्रदेश महासचिव (इलाहाबाद हाईकोर्ट खंडपीठ लखनऊ)

  • फरमान राशिद: प्रदेश महासचिव (इलाहाबाद हाईकोर्ट खंडपीठ लखनऊ)

  • सैयद यासिर: प्रदेश सचिव (इलाहाबाद हाईकोर्ट)

  • सैयद महताब हसन हाशमी: प्रदेश सचिव (इलाहाबाद हाईकोर्ट खंडपीठ लखनऊ)

  • आयुष बंशवार: प्रदेश सचिव (इलाहाबाद हाईकोर्ट खंडपीठ लखनऊ)

  • अवनीश गुप्ता: प्रदेश सचिव (इलाहाबाद हाईकोर्ट खंडपीठ लखनऊ)

  • इरम अतीकुल्लाह: प्रदेश सचिव (इलाहाबाद हाईकोर्ट)

  • राजेश कुशवाहा: प्रदेश सचिव (इलाहाबाद हाईकोर्ट)

  • दीपक सिंह पटेल: प्रदेश सचिव (इलाहाबाद हाईकोर्ट)

मुस्लिम बहुल सीटों पर ओवैसी का फोकस

एआईएमआईएम (AIMIM) उत्तर प्रदेश में अपना दायरा बढ़ाने के लिए विशेष रूप से मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। असदुद्दीन ओवैसी खुद पश्चिमी यूपी में लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने हाल ही में रामपुर और कैराना में रैलियां की थीं। इन जनसभाओं में ओवैसी ने समाजवादी पार्टी (SP) और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर केवल मुसलमानों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था।

विपक्षी गठबंधन के साथ टकराव असदुद्दीन ओवैसी अपनी पार्टी को इंडिया (INDIA) गठबंधन में शामिल करने को लेकर लगातार बयान दे रहे हैं। दूसरी तरफ, गठबंधन के प्रमुख घटक दल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने ओवैसी पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का एजेंडा चलाने का आरोप लगाया है। इन राजनीतिक बयानों के बीच ओवैसी मुस्लिम बहुल सीटों पर अपना जनाधार तैयार करने में जुटे हैं।