घुंघरुओं और पीतल नगरी की सियासी झंकार, एटा की 4 सीटों पर BJP और SP में सीधा मुकाबला; समझें पूरा गणित

up bjp

उत्तर प्रदेश की सियासत में एटा जिला केवल अपनी घुंघरुओं की झंकार, पीतल उद्योग और ऐतिहासिक विरासत के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि यह ‘राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़’ देने वाला एक बेहद अहम गढ़ माना जाता है। अलीगढ़, मैनपुरी और आगरा के बीच स्थित एटा जिला, राज्य के चुनावी मिज़ाज की सटीक दिशा तय करने की ताकत रखता है। यहां के सामाजिक और कृषि आधारित समीकरण समूचे बृज क्षेत्र की राजनीति को प्रभावित करते हैं।

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर एटा की समझदार जनता का फैसला एक बार फिर लखनऊ के सिंहासन की दिशा तय करेगा।

एटा का राजनीतिक मिज़ाज और मुख्य चुनावी मुद्दे

एटा की राजनीति राज्य के अन्य जिलों की तुलना में बेहद संवेदनशील और जातिगत रूप से जागरूक मानी जाती है। यहां मुख्य रूप से 4 विधानसभा सीटें हैं— एटा सदर, अलीगंज, मारहरा और जलेसर (SC)।

एटा के चुनावी अखाड़े में किसानों के लिए सिंचाई व बिजली, जलेसर के पीतल उद्योग का पुनरुद्धार, कच्चे माल पर राहत, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और पलायन रोकने जैसे मुद्दे सबसे अहम रहते हैं। ऐतिहासिक रूप से इस जिले में लोधी, यादव, शाक्य, ठाकुर, ब्राह्मण और दलित मतदाताओं का समीकरण हार-जीत तय करता है, जिसके कारण समाजवादी पार्टी (SP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलता है।

एटा जिले की साक्षरता और धार्मिक आबादी

2011 की जनगणना के अनुसार, एटा जिले की कुल आबादी 17,61,152 है। इसमें से 90.79% आबादी हिंदुओं की है, जबकि 8.25% आबादी मुस्लिम समुदाय की है। साक्षरता दर की बात करें तो जिले की कुल साक्षरता दर 73.27% है (पुरुष साक्षरता 81.28% और महिला साक्षरता 58.80%)।

2022 विधानसभा चुनाव के परिणाम: BJP का क्लीन स्वीप

2022 के विधानसभा चुनाव में एटा जिले की चारों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने क्लीन स्वीप किया था और समाजवादी पार्टी (SP) को हार का सामना करना पड़ा था। आइए जानते हैं चारों सीटों का हाल:

1. अलीगंज विधानसभा सीट (103): यह सीट सपा और भाजपा के बीच बेहद कड़े मुकाबले की गवाह बनी। भाजपा के सत्यपाल सिंह राठौर ने सपा के कद्दावर नेता रामेश्वर सिंह यादव को महज 3,810 वोटों के करीबी अंतर से हराया था। (BJP- 1,02,873, SP- 99,063)

2. एटा सदर विधानसभा सीट (104): जिले की इस मुख्य सीट पर भाजपा के विपिन कुमार डेविड ने सपा के जुगेंद्र सिंह यादव को हराकर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी। (BJP- 97,539, SP- 80,292)

3. मारहरा विधानसभा सीट (105): इस सीट पर भाजपा के वीरेंद्र सिंह लोधी ने एक लाख से अधिक वोट हासिल कर सपा के अमित गौरव पर एकतरफा जीत दर्ज की थी। (BJP- 1,01,387, SP- 83,778)

4. जलेसर सुरक्षित विधानसभा सीट (106): अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित इस सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिली। भाजपा के संजीव कुमार दिवाकर (91,339 वोट) ने सपा के रंजीत सुमन (86,898 वोट) को शिकस्त दी।