रोजाना टोल पार करने वालों को बड़ी राहत: 1 नवंबर से 20 KM के दायरे में रहने वालों के लिए बनेगा ‘सालाना लोकल पास’

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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 में एक बड़ा संशोधन किया है, जिससे रोजाना टोल प्लाजा पार करने वाले लोगों को भारी आर्थिक राहत मिलेगी। नए नियम के तहत 1 नवंबर 2026 से टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोग अपना ‘सालाना लोकल पास’ (Annual Local Pass) बनवा सकेंगे। उत्तर प्रदेश में एनएचएआई (NHAI) के कुल 135 टोल प्लाजा हैं, ऐसे में इस फैसले से यूपी के लाखों नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और छात्रों का रोजाना का खर्च बचेगा।

क्या होगी लोकल पास की फीस?

सालाना पास की दरें टोल प्लाजा की लोकेशन के आधार पर तय की गई हैं। यदि टोल प्लाजा किसी नगरपालिका या स्थानीय निकाय सीमा के बाहर स्थित है, तो सालाना फीस 1,500 रुपये होगी। वहीं, अगर टोल प्लाजा किसी स्थानीय नगरीय क्षेत्र की सीमा के अंदर आता है, तो इसके लिए 3,000 रुपये सालाना चुकाने होंगे।

लोकल पास बनवाने के लिए अनिवार्य शर्तें

  • दूरी और प्रमाण: आवेदक का घर टोल प्लाजा से 20 किमी के दायरे में होना चाहिए। इसके लिए आधार कार्ड या कोई अन्य वैध एड्रेस प्रूफ देना अनिवार्य होगा।

  • निजी वाहन: यह सुविधा केवल पर्सनल यूज वाली प्राइवेट गाड़ियों के लिए है। टैक्सी या ट्रक जैसे कमर्शियल वाहनों को यह पास नहीं मिलेगा।

  • फास्टैग (FASTag): वाहन पर एक एक्टिव और वैध FASTag लगा होना अनिवार्य है।

  • सर्विस रोड की शर्त: यदि टोल से बचने के लिए कोई सर्विस रोड या वैकल्पिक रास्ता पहले से मौजूद है, तो यह रियायती पास जारी नहीं किया जाएगा।

  • सीमित उपयोग: यह पास केवल उसी विशेष टोल प्लाजा पर मान्य होगा जिसके लिए इसे बनवाया गया है, यह प्रदेश के अन्य टोल प्लाजा पर काम नहीं करेगा।