UN रिपोर्ट में दाऊद इब्राहिम को बताया ‘भारत का निवासी’, भारत ने जताई कड़ी आपत्ति

dawood ibrahim

भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के आतंकवाद रोधी और मानवाधिकार मामलों के स्पेशल रैपोर्टियर बेन सॉल की जुलाई 2026 में पेश रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। इस रिपोर्ट में मोस्ट वांटेड आतंकी दाऊद इब्राहिम के भारत में रहने का दावा किया गया था। भारत ने इसे एक गंभीर तथ्यात्मक गलती बताते हुए वैश्विक मंच पर स्पष्ट किया है कि दाऊद पाकिस्तान में छिपा है और इस तरह की गलतियां वैश्विक संस्था की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

तथ्यात्मक गलतियों पर भारत ने मांगा जवाब

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के फर्स्ट सेक्रेटरी रघु पुरी ने रिपोर्ट में मौजूद इस गलती को लेकर जवाब मांगा है। रिपोर्ट में कहा गया था कि ओसामा बिन लादेन की तरह दाऊद इब्राहिम भी मोस्ट वांटेड टेररिस्ट में से एक है और वह भारत में रहता है। भारतीय पक्ष ने स्पेशल रैपोर्टियर को इस गंभीर गलती से अवगत कराया है। स्पेशल रैपोर्टियर्स को यूएन से वेतन नहीं मिलता है, ऐसे में भारत को उम्मीद है कि वे किसी प्रभाव में आकर काम नहीं करेंगे।

2003 में घोषित हुआ था आतंकी, पहले ही भाग चुका था दाऊद

रघु पुरी ने यूएन में बताया कि दाऊद इब्राहिम को साल 2003 में अल-कायदा और ओसामा बिन लादेन से संबंधों के कारण वैश्विक आतंकियों की सूची में शामिल किया गया था। हालांकि, वह 2003 से काफी पहले ही भारत से भाग गया था। पुरी ने स्पष्ट किया कि दाऊद आज भी भारत का मोस्ट वांटेड अपराधी है और वह पाकिस्तान में उसी तरह पनाह लिए हुए है, जैसे लादेन पाकिस्तान के एबटाबाद में छिपा था।

पाकिस्तान की दिखावटी कार्रवाई और 26/11 के गुनहगार

भारतीय राजनयिक ने पाकिस्तान को घेरते हुए कहा कि दाऊद 1993 के मुंबई बम धमाकों का वांटेड है। इसके अलावा 26/11 मुंबई आतंकी हमले के कई गुनहगार भी पिछले कई सालों से पाकिस्तान में रह रहे हैं। भारत सरकार ने कई बार पाकिस्तानी अधिकारियों से इन आतंकियों के बारे में जानकारी मांगी है, लेकिन पाकिस्तान हर बार केवल दिखावटी कार्रवाई करता है। रघु पुरी ने साफ किया कि जब तक दाऊद जैसे आतंकी पकड़े नहीं जाते, आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई जारी रहेगी।

कश्मीर और लद्दाख पर स्पष्ट संदेश

पाकिस्तान द्वारा संयुक्त राष्ट्र में भारत के खिलाफ किए जाने वाले कोरे प्रचार को खारिज करते हुए पुरी ने कड़ा संदेश दिया। उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं, हमेशा से रहे हैं और हमेशा रहेंगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को दोनों राज्यों पर अपना हक जमाने का प्रयास छोड़ देना चाहिए और पूरी दुनिया यह जानती है कि पाकिस्तान आतंकवाद का मुख्य गढ़ है।