CJP पर के अन्नामलाई का यू-टर्न? बोले- कभी समर्थन नहीं किया, पहले कही थी ये बात
के अन्नामलाई ने कहा कि उन्होंने कभी CJP का समर्थन नहीं किया। इससे पहले वह संगठन की ओर से उठाए गए सवालों का समर्थन करने की बात कह चुके थे।
पूर्व IPS अधिकारी और तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने गुरुवार को साफ किया कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ उनका कोई वैचारिक रिश्ता नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने कहा कि उन्होंने इस पार्टी का कभी समर्थन नहीं किया और दोनों के एजेंडे अलग हैं। यह बयान उनके कुछ दिन पुराने रुख से अलग माना जा रहा है, जब उन्होंने CJP द्वारा उठाए जा रहे सवालों के पक्ष में बात कही थी।
अन्नामलाई ने भाजपा कब छोड़ी थी?
अन्नामलाई ने 5 जून 2026 को भाजपा से इस्तीफा दिया था। वह दक्षिण भारत में पार्टी के सबसे चर्चित चेहरों में गिने जाते थे और तमिलनाडु में उसकी कमान भी संभाल चुके हैं। पार्टी के कुछ नेताओं की टिप्पणियों के जवाब में उन्होंने खुद यह तारीख याद दिलाई थी।
CJP को लेकर अन्नामलाई ने पहले क्या कहा था?
रिपोर्ट के अनुसार अन्नामलाई ने कहा था कि वह CJP के विरोध के तरीकों से भले सहमत न हों, लेकिन पार्टी जिन मुद्दों को उठा रही है, उन पर वह उसके साथ खड़े हैं। उनका कहना था कि CJP नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजने से वे और ज्यादा ताकतवर होकर उभरेंगे। इसी बयान में उन्होंने कहा था कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को SIR पर सवाल पूछने का पूरा हक है।
केंद्र सरकार पर उन्होंने क्या टिप्पणी की थी?
एक सोशल मीडिया पोस्ट में अन्नामलाई ने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार को दिल्ली की सत्ता में 12 साल से ज्यादा हो चुके हैं और वह खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए लगातार किसी न किसी को दुश्मन के तौर पर पेश करती रहती है। उन्होंने CJP के प्रदर्शनों को देशविरोधी या विदेशी पैसे से चलने वाला बताने वाले दावों को भी नकार दिया था। उनके मुताबिक FCRA गृह मंत्रालय के अधीन आता है, विदेशों में भारतीय दूतावासों के पास पर्याप्त स्टाफ है जो विदेशी ताकतों से सांठगांठ करने वालों पर नजर रख सकता है, और हर आंदोलन को बाहरी साजिश बताना अब थका देने वाला हो गया है।
बुधवार को उन्होंने क्या कहा था?
वी द लीडर्स के संस्थापक के तौर पर बुधवार को अन्नामलाई ने कहा था कि मौजूदा हालात में किसी भी व्यक्ति को अनिश्चितकाल के लिए जेल भेजा जा सकता है और उसके जमानतदारों के बॉण्ड रद्द हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि निवारक बॉण्ड के मामलों में अधिकार मिलने पर कोई विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट आम नागरिक पर अपनी मनमानी चला सकता है।
भाजपा ने अन्नामलाई को क्या जवाब दिया?
तमिलनाडु भाजपा के प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने कहा कि जब अन्नामलाई पार्टी में थे, तब वह SIR के पक्ष में थे और इससे जुड़ा काम भी उन्होंने देखा था। तिरुपति के मुताबिक कांग्रेस सांसद शशि थरूर के साथ हुई एक बहस में अन्नामलाई ने SIR का बचाव किया था, लेकिन अब वह इस पर पूरी तरह उलट रुख अपना चुके हैं।
