पंजाब में SIR प्रक्रिया पूरी: फाइनल लिस्ट से 13.6 लाख वोटर्स के नाम कटे, 7.97 लाख नए जुड़े
पंजाब में वर्ष 2026 के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों की अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) प्रकाशित कर दी गई है। राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अनिंदिता मित्रा ने सोमवार को इसकी आधिकारिक जानकारी दी।
पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान पूरे राज्य में 7,97,263 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं, जबकि 13.6 लाख नाम लिस्ट से हटाए गए हैं। इस बड़े फेरबदल के बाद अब पंजाब में कुल मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 1 लाख 727 रह गई है। इतनी बड़ी संख्या में वोटर्स के नाम कटने और नए नाम जुड़ने से आम आदमी पार्टी (AAP), कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) का चुनावी गणित सीधे तौर पर प्रभावित हो सकता है।
लुधियाना, अमृतसर और जालंधर में सबसे ज्यादा नाम चिह्नित
वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण के दौरान राज्य के प्रमुख औद्योगिक और शहरी केंद्रों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम चिह्नित किए गए। निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक:
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लुधियाना: 4,16,088 नाम चिह्नित
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अमृतसर: 2,42,751 नाम चिह्नित
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जालंधर: 1,84,997 नाम चिह्नित
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मोहाली: 1,53,714 नाम चिह्नित
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पटियाला: 1,38,624 नाम चिह्नित
2022 और 2024 के नतीजों के आईने में सीटों का गणित
मतदाताओं की संख्या में इस बदलाव का असर उन सीटों पर सबसे ज्यादा दिख सकता है जहां पिछले चुनावों में कड़ा मुकाबला रहा था।
साल 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने लुधियाना जिले की 9 में से 8 सीटों पर जीत दर्ज की थी। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में समीकरण काफी बदल गए थे। लुधियाना संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले 9 विधानसभा क्षेत्रों में से 5 में भाजपा ने कांग्रेस से ज्यादा वोट हासिल किए थे।
भाजपा को लुधियाना पूर्वी में 9,537, केंद्रीय में 17,295, दक्षिणी में 4,396, पश्चिमी में 14,535 और उत्तरी में 22,310 मतों की बढ़त मिली थी। इन पांच हलकों में भाजपा की कुल बढ़त 68,073 वोटों की थी। हालांकि, पूरे लोकसभा क्षेत्र के कुल परिणाम में कांग्रेस 3,22,224 वोट पाकर आगे रही थी, जबकि भाजपा को 3,01,282 और ‘आप’ को 2,37,077 वोट मिले थे।
अन्य प्रमुख शहरों में भी 2024 के आम चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला था:
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अमृतसर: कांग्रेस को 2,55,181 वोट मिले थे, जबकि AAP 2,14,880 और भाजपा 2,07,205 वोटों के साथ दूसरे व तीसरे स्थान पर थीं।
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जालंधर: कांग्रेस को 3,90,053 वोट मिले, भाजपा को 2,14,060 और AAP को 2,08,889 वोट हासिल हुए।
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पटियाला: जिले की सभी 8 विधानसभा सीटें 2022 में AAP ने जीती थीं, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 5 और आप 3 विधानसभा क्षेत्रों में आगे रही।
औद्योगिक केंद्रों और प्रवासी कामगारों की भूमिका
लुधियाना जैसे बड़े औद्योगिक केंद्र में उत्तर प्रदेश और बिहार समेत अन्य राज्यों से आए प्रवासी श्रमिकों की आबादी काफी बड़ी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एसआईआर के दौरान ग्रामीण और शहरी इलाकों के आंकड़ों में अंतर नतीजों पर असर डाल सकता है।
लुधियाना में 4 लाख से अधिक नाम चिह्नित किए जाने को शहरी वोट बैंक से जोड़कर देखा जा रहा है। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब में भाजपा का वोट प्रतिशत बढ़कर करीब 18.5 फीसदी पहुंच गया था, जिसमें शहरी मतदाताओं की अहम भूमिका रही थी। ऐसे में औद्योगिक इलाकों में मतदाता सत्यापन और नामों के कटने का असर केवल एक दल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव कांग्रेस, आप और भाजपा तीनों की चुनावी रणनीति पर पड़ना तय है।
