‘सुप्रीम कोर्ट की फीस नहीं भरी, खरगे की ID धुंधली है’: याचिका में 14 गलतियों पर BJP का तंज
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष का सुप्रीम कोर्ट जाना अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के निशाने पर आ गया है।
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री द्वारा ‘INDIA’ गठबंधन की संयुक्त याचिका में 14 ‘तकनीकी खामियां’ (Defects) निकाले जाने के बाद, बीजेपी ने विपक्ष पर करारा तंज कसा है। बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मंगलवार (13 अक्टूबर) को कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को आड़े हाथों लेते हुए इसे ‘हार की खींज’ करार दिया।
‘अदालतों में सिर्फ नौटंकी से काम नहीं चलता’
संजय सरावगी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका की कमियां गिनाते हुए कहा, “उस याचिका में अभी फीस भी पूरी तरह से नहीं भरी गई है और मल्लिकार्जुन खरगे की ID की कॉपी भी धुंधली (Blurred) है। कुल मिलाकर उसमें 14 बुनियादी गलतियां निकाली गई हैं।”
विपक्ष के ‘लोकतंत्र मार्च’ पर तंज कसते हुए सरावगी ने कहा, “जो दल अपनी अदालती फाइल ठीक से तैयार नहीं कर सकता, वह आज देश की चुनावी व्यवस्था पर ज्ञान बांट रहा है। सड़क पर झूठी नौटंकी करना बहुत आसान है, लेकिन अदालतों में तथ्यों और सबूतों की आवश्यकता होती है।”
उन्होंने आगे कहा कि हार की खींज में रची गई यह कानूनी पटकथा पहले दिन ही औंधे मुंह गिर गई है। कम से कम अदालत में तो अपना आवेदन सही से देना चाहिए।
‘राजनीति का लंपटीकरण कर रहे हैं राहुल गांधी’
बिहार बीजेपी के एक अन्य नेता मृत्युंजय तिवारी ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जनता ने विपक्ष का सारा तमाशा देख लिया है।
तिवारी ने आरोप लगाया, “राहुल गांधी जैसा गैर-जिम्मेदार विपक्ष का नेता देश को कभी नहीं मिला। जिस तरह से वे राजनीति का लंपटीकरण कर रहे हैं और सड़कों पर लोगों को परेशान कर रहे हैं, उससे यह साफ हो जाता है कि राहुल गांधी जी को ना तो लोकतंत्र पर भरोसा है और ना ही संविधान पर।”
गौरतलब है कि सोमवार (12 अक्टूबर) को राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष के 11 प्रमुख नेताओं ने दिल्ली में बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक विशाल मार्च निकाला था। इसके बाद उन्होंने SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक संयुक्त याचिका दाखिल की थी। इसी याचिका में सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने 14 कमियां निकाली हैं, जिसके कारण मंगलवार को इस पर सुनवाई नहीं हो सकी।
