मैनपुरी से चुनावी मैदान में उतरेंगी अपर्णा यादव? लड़ने के सवाल पर दिया बड़ा बयान
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से समाजवादी पार्टी के मजबूत गढ़ मैनपुरी में अपर्णा यादव को मैदान में उतारने की अटकलें तेज हो गई हैं। मैनपुरी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचीं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने खुद इस सीट से चुनाव लड़ने के सवाल पर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि बीजेपी एक राष्ट्रीय पार्टी है और संगठन उन्हें जहां से भी जिम्मेदारी देगा, वह वहां से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।
‘इच्छा नहीं, लेकिन पार्टी कहेगी तो जरूर लड़ेंगे’
अपर्णा यादव ने मैनपुरी से चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि फिलहाल उनकी व्यक्तिगत इच्छा मैनपुरी से विधानसभा चुनाव लड़ने की नहीं है, लेकिन अगर पार्टी आदेश देगी तो वह पीछे नहीं हटेंगी और मैनपुरी से चुनाव लड़ेंगी।
मैनपुरी प्रवास के दौरान अपर्णा यादव ने विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम में प्रदेशभर से आई युवतियों और महिलाओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाली सरकारी योजनाओं को लेकर चर्चा की।
PDA और चुनाव आयोग विवाद पर साधी चुप्पी
अपर्णा यादव ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि परिषद के सदस्य भारतीय समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से जुटे हैं। उन्होंने मैनपुरी आने पर खुशी भी जताई। हालांकि, जब उनसे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) और चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया।
2022 में भी चली थीं मैनपुरी से टिकट की चर्चाएं
अपर्णा यादव को मैनपुरी से चुनावी रण में उतारने की कयासबाजी पहले भी हो चुकी है। साल 2022 में सपा संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद खाली हुई मैनपुरी लोकसभा सीट के उपचुनाव में भी बीजेपी अपर्णा यादव को टिकट देने पर विचार कर रही थी। हालांकि, उस समय यादव परिवार में टकराव की आशंका को देखते हुए यह फैसला नहीं हो सका था। अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर अपर्णा यादव के जरिए मैनपुरी की सियासी जमीन साधने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
