जापानी कंपनी लगाएगी ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट, नोएडा और मथुरा में जमीन की तलाश तेज
उत्तर प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) के क्षेत्र में एक और बड़े विदेशी निवेश की तैयारी शुरू हो गई है। जापान के यामानाशी प्रांत की कंपनी कनाडेविया कॉरपोरेशन राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए कंपनी ने नोएडा और मथुरा में संभावनाएं तलाशना शुरू कर दिया है। प्लांट किस शहर में स्थापित किया जाएगा, इसका अंतिम फैसला कंपनी की ओर से जल्द तय किए जाने की उम्मीद है।
लखनऊ में यूपीनेडा और IOCL के साथ अहम बैठक
परियोजना को जमीन पर उतारने के सिलसिले में जापानी कंपनी के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को लखनऊ स्थित पिकप भवन में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में ‘इन्वेस्ट यूपी’, उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान प्लांट के लिए जरूरी जमीन, आवश्यक बुनियादी ढांचे और मिलने वाली सरकारी सुविधाओं से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
दादरी NTPC और YEIDA क्षेत्र का दौरा
प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को नोएडा के दादरी स्थित नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (NTPC) के प्लांट का स्थलीय निरीक्षण किया था। इसके साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में भी कुछ संभावित साइट्स देखी गईं। नोएडा के अलावा मथुरा विकल्प के तौर पर उभरा है, जहां बुधवार को IOCL के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्लांट लगाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
NTPC या IOCL के साथ पार्टनरशिप की योजना
कनाडेविया कॉरपोरेशन इस प्लांट को स्थापित करने के लिए NTPC या IOCL में से किसी एक सार्वजनिक उपक्रम के साथ साझेदारी में काम करने की इच्छुक है। अधिकारियों के अनुसार, कंपनी गुरुवार तक प्लांट के अंतिम स्थान को लेकर स्थिति साफ कर सकती है। स्थान तय होते ही संबंधित औद्योगिक प्राधिकरण की ओर से भूखंड आवंटन (Plot Allotment) और औपचारिकताएं आगे बढ़ाई जाएंगी।
स्वच्छ ऊर्जा और तकनीकी सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
ग्रीन हाइड्रोजन को भविष्य के सबसे प्रमुख और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन के तौर पर देखा जा रहा है। इस प्लांट के स्थापित होने से उत्तर प्रदेश में ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम, आधुनिक तकनीकी सहयोग और नए औद्योगिक अवसरों को रफ्तार मिलेगी। परियोजना की कुल निवेश राशि, संयंत्र का आकार और इसके जरिए सृजित होने वाले रोजगार के वास्तविक आंकड़े स्थान और प्रोजेक्ट की अंतिम रूपरेखा तय होने के बाद ही सामने आएंगे।
