गुजरात में सियासी हलचल: पूर्व CM शंकरसिंह वाघेला की कांग्रेस में वापसी की तैयारी
गुजरात की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव की सुगबुगाहट है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और 86 वर्षीय दिग्गज नेता शंकरसिंह वाघेला फिर से कांग्रेस का हाथ थाम सकते हैं। वाघेला ने खुद पार्टी में वापसी की इच्छा जताई है।
सूत्रों के मुताबिक, गुजरात प्रदेश कांग्रेस ने वाघेला की वापसी के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। अब केवल दिल्ली स्थित पार्टी हाईकमान की अंतिम मुहर का इंतजार है। आलाकमान की हरी झंडी मिलते ही उनके आधिकारिक तौर पर पार्टी में शामिल होने का रास्ता साफ हो जाएगा।
गांधीनगर निगम चुनाव में स्टार प्रचारक बनाने की योजना
प्रदेश कांग्रेस इकाई चाहती है कि वाघेला जल्द से जल्द पार्टी से जुड़ें। स्थानीय नेतृत्व ने उन्हें आगामी गांधीनगर नगर निगम चुनावों में स्टार प्रचारक के रूप में मैदान में उतारने की रूपरेखा तैयार की है। पार्टी का लक्ष्य वाघेला के लंबे राजनीतिक अनुभव और उनके जमीनी नेटवर्क का फायदा नगर निगम के साथ-साथ भविष्य के विधानसभा चुनावों में भी उठाना है।
शक्तिसिंह गोहिल का बयान
वाघेला की वापसी को लेकर चल रही चर्चाओं पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शक्तिसिंह गोहिल की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। जब उनसे इस राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में सवाल किया गया, तो गोहिल ने सीधे तौर पर इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा, “थोड़ा इंतजार कीजिए, सही समय पर सबको सही जवाब मिल जाएगा।”
जनसंघ से शुरुआत, BJP को मजबूत किया और फिर बने CM
शंकरसिंह वाघेला का गुजरात की राजनीति में लंबा और प्रभावकारी इतिहास रहा है। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत जनसंघ के साथ की थी। शुरुआती दौर में केशुभाई पटेल और नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर उन्होंने राज्य में बीजेपी (BJP) की नींव मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी।
साल 1996 में पार्टी के भीतर मतभेदों के चलते उन्होंने बीजेपी से राहें अलग कर लीं और अपनी ‘राष्ट्रीय जनता पार्टी’ बनाई। इसके बाद 1996 से 1997 तक वाघेला ने कांग्रेस के बाहरी समर्थन से गुजरात के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।
कांग्रेस में 20 साल का सफर, 2017 में छोड़ी थी पार्टी
साल 1998 में वाघेला ने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया था। कांग्रेस के साथ अपने करीब दो दशक के सफर में उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कई प्रमुख पदों पर काम किया। यूपीए (UPA) सरकार के कार्यकाल में वह केंद्रीय कपड़ा मंत्री रहे और गुजरात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भी निभाई। बाद में, साल 2017 में उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया था। फिलहाल पार्टी कार्यकर्ताओं की नजरें अब केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं।
