CEC पर घमासान, बंगाल में TMC-CPM आए साथ; ममता ने की गिरफ्तारी की मांग
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों का रुख लगातार आक्रामक होता जा रहा है। इस मुद्दे पर अब ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के भीतर भी हलचल तेज हो गई है। सबसे चौंकाने वाला सियासी घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की राजनीति से सामने आया है, जहां एक-दूसरे के पारंपरिक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) और सीपीआई(एम) ने इस मुद्दे पर हाथ मिलाया है।
सूत्रों के अनुसार, सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेता एमए बेबी ने तृणमूल सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक पत्र भेजा था, जिस पर उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इसके बाद शुक्रवार दोपहर दोनों नेताओं के बीच फोन पर सीधी बातचीत हुई, जिसमें चुनाव आयोग से जुड़े विवाद और भविष्य की साझा रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।
‘चुनाव के नाम पर फर्जीवाड़े के खिलाफ अभियान जरूरी’
एमए बेबी ने 23 सितंबर को ममता बनर्जी को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और व्यापक चुनावी सुधारों को लेकर विपक्ष को एक मंच पर आने की सख्त जरूरत है।
शुक्रवार को हुई टेलीफोनिक वार्ता में दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि चुनाव प्रक्रिया में कथित हेरफेर और पारदर्शिता के अभाव के खिलाफ एक देशव्यापी अभियान शुरू किया जाना चाहिए। सीपीआई(एम) नेता ने अपने पत्र में लिखा कि मौजूदा हालात की गंभीरता को देखते हुए सभी विपक्षी दलों का एक साथ बैठना जरूरी है, क्योंकि देश की जनता लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और मताधिकार की रक्षा के लिए विपक्ष की ओर देख रही है। उन्होंने विपक्षी दलों को अपनी सुविधानुसार बैठक की तारीख और स्थान तय करने का सुझाव दिया।
गैर-गठबंधन दलों से भी संपर्क साध रहा वामदल
सूत्रों के मुताबिक, सीपीआई(एम) केवल ‘इंडिया’ ब्लॉक तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उसने बीआरएस (BRS), आम आदमी पार्टी (AAP), डीएमके (DMK), तमिलनाडु की नई राजनीतिक ताकत टीवीके (TVK) और बीजेडी (BJD) समेत अन्य गैर-भाजपा दलों को भी पत्र लिखकर इस साझा मुहिम से जुड़ने की अपील की है।
‘ज्ञानेश कुमार को पद पर रहने का नैतिक अधिकार नहीं’: ममता बनर्जी
फोन पर हुई बातचीत के दौरान ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ‘इंडिया’ ब्लॉक के सभी घटक दलों को अविलंब एक औपचारिक बैठक कर संयुक्त रणनीति तैयार करनी चाहिए।
चुनाव आयोग में चल रहे विवाद को बेहद ‘शर्मनाक’ करार देते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “मुख्य चुनाव आयुक्त को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचा है।”
भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया, “भाजपा को यह समझना होगा कि वे हमारे संविधान और लोकतंत्र को नष्ट नहीं कर सकते। वे भाजपा आईटी टीम के नाम पर अपने पसंदीदा ईआरओ (EROs) को तैनात नहीं कर सकते। ज्ञानेश कुमार ने पुलिस मशीनरी का दुरुपयोग किया है और भाजपा के साथ सांठगांठ कर अपने समर्थक लोगों की तैनाती की है। देश में ऐसा चुनावी घोटाला पहले कभी नहीं देखा गया।”
