October 4, 2026

‘BJP में 4 साल हो गए, न कुछ मिला और न कोई पूछता है’; छलका कैप्टन अमरिंदर सिंह का दर्द

amrindar singh

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह का दर्द खुलकर सामने आया है। मीडिया से बातचीत करते हुए 60 साल का राजनीतिक अनुभव रखने वाले दिग्गज नेता ने भाजपा में अपनी उपेक्षा को लेकर गहरी नाराजगी जताई। भावुक अंदाज में कैप्टन ने कहा कि पार्टी में उन्हें शामिल हुए चार साल बीत चुके हैं, लेकिन यहां न तो कोई उनकी सुध लेता है और न ही उन्हें कुछ मिला है। पंजाब से जुड़े किसी भी मसले पर पार्टी नेतृत्व उनसे कोई सलाह-मशविरा नहीं करता, जबकि दो बार मुख्यमंत्री रहने के नाते वह राज्य की नब्ज सबसे बेहतर समझते हैं।

‘पंजाब को जाने बिना चुनाव जीतना आसान नहीं’

नई दिल्ली में पत्रकारों से रूबरू हुए 84 वर्षीय कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने छह दशक लंबे सियासी सफर का हवाला दिया। उन्होंने कहा, “मैंने पंजाब की राजनीति में 60 साल बिताए हैं। 2 बार मुख्यमंत्री रहा, 2 बार लोकसभा सांसद और 6 बार विधायक रहा हूं। हमारे जैसे कई नेताओं ने पंजाब के तमाम उतार-चढ़ावों को करीब से देखा और महसूस किया है।”

भाजपा की रणनीति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता से उनका जुड़ाव बेहद गहरा है, लेकिन भाजपा नेतृत्व को लगता है कि वे स्थानीय लोगों और जमीनी हकीकत को समझे बिना ही चुनाव जीत लेंगे, जो बिल्कुल भी आसान नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा, “अगर पंजाब को समझना है, तो कम से कम मुझसे ही पूछ लेते।”

कांग्रेस में वापसी से इनकार, गांधी परिवार से निजी रिश्ते

पार्टी छोड़ने की अटकलों पर विराम लगाते हुए कैप्टन ने स्पष्ट किया कि उनके विचार रखने का मतलब यह कतई नहीं है कि वह भाजपा छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद मैंने कांग्रेस छोड़ी और अकाली दल में गया, फिर कांग्रेस में लौटा और अब भाजपा में हूं। कंपनियों की तरह पार्टियां भी बदलती रहती हैं।”

उन्होंने बताया कि पिछले पांच साल से सोनिया गांधी, राहुल गांधी या प्रियंका गांधी से उनकी कोई बातचीत नहीं हुई है। कैप्टन ने कहा, “अगर उन्हें किसी मदद की जरूरत होगी तो मैं जरूर करूंगा, लेकिन कांग्रेस में वापसी का मेरा कोई इरादा नहीं है। गांधी परिवार से मेरे रिश्ते निजी हैं।”

84 की उम्र में फिर CM बनने की ख्वाहिश

जब उनसे सवाल पूछा गया कि यदि 2027 में भाजपा चुनाव जीतती है और उन्हें मुख्यमंत्री पद की पेशकश की जाती है, तो क्या वे इसे स्वीकार करेंगे? इस पर कैप्टन ने न तो इनकार किया और न ही सीधे हां कहा, बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री का उदाहरण देते हुए बोले, “जब मोरारजी देसाई 92 साल की उम्र में देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं, तो मैं 84 की उम्र में मुख्यमंत्री क्यों नहीं बन सकता।” उनके इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि मौका मिलने पर वे दोबारा जिम्मेदारी संभालने से पीछे नहीं हटेंगे।

राहुल गांधी को बताया PM पद का दावेदार

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद के मजबूत दावेदार हो सकते हैं और वह वर्तमान में मजबूती के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इंदौर में उनके कार्यक्रम में जुटी भीड़ का उदाहरण देते हुए कैप्टन ने कहा कि राजनीति में समय हमेशा बदलता रहता है और हर दल का वक्त आता है, ऐसे में कांग्रेस की भी वापसी हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर जब राहुल गांधी से भाजपा में उनके पसंदीदा नेता के बारे में पूछा गया था, तो उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह को बेहद ‘कूल’ बताते हुए उनके साथ काम करने के अनुभवों को याद किया था।

2027 चुनाव पर सलाह: ‘अकेले दम पर नहीं बनेगी BJP की सरकार’

2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के नतीजों पर सीधी भविष्यवाणी करने से बचते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की सियासत अभी काफी बिखरी हुई है। अकाली दल में टूट हो चुकी है, कांग्रेस अंदरूनी कलह से जूझ रही है और भाजपा की जमीनी पैठ अभी उतनी मजबूत नहीं है।

उन्होंने भाजपा को व्यावहारिक नसीहत देते हुए कहा कि अगर पार्टी को पंजाब में सरकार बनानी है, तो उसे शिरोमणि अकाली दल के साथ दोबारा गठबंधन करना चाहिए। दोनों पुराने सहयोगी रहे हैं और मिलकर पहले भी सरकार चला चुके हैं। कैप्टन ने साफ चेतावनी दी कि भाजपा अपने दम पर चुनाव तो लड़ सकती है, लेकिन अकेले सरकार बनाने की संभावना बेहद कम है।